
हमीरपुर, अमृत विचार। चंदूपुर गांव की बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा। बुधवार को ग्रामीण और बच्चे कीचड़ भरे रास्ते से तिरंगा यात्रा निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। हाथों में तख्तियां और तिरंगा लेकर प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण की मांग उठाई। प्रदर्शन की पूर्व सूचना के चलते कलेक्ट्रेट में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात रहा।
तिरंगा लेकर कीचड़ भरे रास्ते से कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे
चंदूपुर के ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने गांव की जर्जर सड़क के विरोध में तिरंगा यात्रा निकाली। बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर सड़क निर्माण की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
प्रदर्शन की सूचना पर कलेक्ट्रेट में भारी पुलिस बल तैनात
चंदूपुर के ग्रामीणों के सड़क को लेकर प्रदर्शन करने की पूर्व सूचना प्रशासन को थी। इसे देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह करीब 10 बजे से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सदर कोतवाली के साथ ललपुरा थाना की पुलिस भी कलेक्ट्रेट में मौजूद रही। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती को देखकर कलेक्ट्रेट पहुंचे लोगों के बीच भी चर्चा होती रही।
तीन जुलाई को भी किया था प्रदर्शन
चंदूपुर के ग्रामीणों और छात्रों ने इससे पहले तीन जुलाई को भी गांव से कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया था। उस दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की थी। बताया गया कि जिलाधिकारी ने बरसात समाप्त होने के बाद सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था। वहीं, बरसात के दौरान आवागमन में राहत देने के लिए ग्रामीणों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कीचड़ भरे रास्ते में रोड़ा, पत्थर और डस्ट डलवाने की मांग की थी। इसकी व्यवस्था कराने का भी आश्वासन दिया गया था।
आश्वासन के बाद भी समस्या जस की तस, फिर फूटा गुस्सा
ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ। बरसात में रास्ते की हालत और खराब होने के कारण ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या जस की तस रहने से ग्रामीणों का एक बार फिर गुस्सा फूट पड़ा। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इस बार बच्चों और ग्रामीणों ने तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और जल्द सड़क निर्माण की मांग दोहराई।