
कन्नौज। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में इन दिनों नव चयनित आंगनबाड़ी सहायिकाओं को बांटे जा रहे नियुक्ति पत्र भारी विवादों और चर्चा का विषय बन गए हैं। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा बांटे जा रहे इन महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। कंप्यूटर से प्रिंट होकर निकली पुरानी तारीखों को अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा पेन से काटकर, उसमें नई तारीखें हाथ से लिखकर बांटी जा रही हैं। विभाग के इस रवैए से पूरी प्रक्रिया की शुचिता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज पर ओवरराइटिंग से हड़कंप
यह पूरा मामला विकास भवन स्थित बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग का है, जहां पिछले दो दिनों से नियुक्ति पत्रों का वितरण किया जा रहा है। चयनित महिला अभ्यर्थियों का तर्क है कि सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र एक अत्यंत महत्वपूर्ण और जीवनभर संभाल कर रखा जाने वाला दस्तावेज होता है। ऐसे में डिजिटल युग में भी किसी महत्वपूर्ण कागज पर पेन से कटिंग या ओवरराइटिंग करके देना प्रशासनिक लापरवाही की पराकाष्ठा है।
पीड़ित सहायिकाओं का कहना है, “अगर तकनीकी कारणों से नियुक्ति पत्र में कोई त्रुटि या तारीख का बदलाव हुआ भी था, तो उसे विभाग को सिस्टम से दोबारा सही फॉर्मेट में प्रिंट करके अधिकृत तौर पर जारी करना चाहिए था। एक सरकारी दस्तावेज पर पेन से हाथ से लिखकर तारीख बदलना किसी भी तरह से नियमसंगत नहीं है।” इस अव्यवस्था और मनमानी से परेशान होकर पीड़ित महिलाओं ने जिला प्रशासन से मामले में दखल देने और दोषियों के खिलाफ तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
विभाग की सफाई: तकनीकी खामी के कारण करना पड़ा ऐसा
नियुक्ति पत्रों में पेन से किए जा रहे इस बदलाव और मचे हंगामे पर विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ने अपना पक्ष रखा है। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह ने इस संबंध में बताया,”तकनीकी खामी की वजह से जारी हो चुके नियुक्ति पत्रों में गलत तारीख दर्ज हो गई थी। इस गलती को सुधारने के लिए ही मैन्युअल तरीके से तारीख को सही किया गया है।”
हालांकि, अधिकारी की इस सफाई के बावजूद अभ्यर्थियों में असमंजस और डर का माहौल है कि भविष्य में पेन से की गई इस काटपीट की वजह से उनकी नौकरी या सत्यापन प्रक्रिया में कोई कानूनी अड़चन न आ जाए।