
कानपुर। घाटमपुर और उसके आसपास के 47 गांवों को मिलाकर घाटमपुर विकास क्षेत्र बनाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत प्रदेश के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने इस विकास क्षेत्र का प्रस्ताव तैयार कर इसकी सीमा का निर्धारण किया था। इसके बाद प्रस्ताव के सत्यापन की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन को सौंपी गई, जिसका कार्य अब लगभग पूरा हो चुका है।
अब प्रस्ताव को नगर पालिका बोर्ड की मंजूरी के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
50 हजार से अधिक आबादी होने पर हुआ चयन
घाटमपुर विकास क्षेत्र का गठन भविष्य की शहरी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। अमृत 2.0 योजना के तहत 50 हजार से अधिक आबादी वाले नगरों को आधुनिक GIS आधारित शहरी नियोजन प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इसी क्रम में राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति ने घाटमपुर को प्रदेश के 32 नए चयनित नगरों में शामिल किया है।
80 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र होगा अधिसूचित
प्रस्ताव के अनुसार, करीब 80 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को घाटमपुर विकास क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया जाएगा। इसमें घाटमपुर नगर पालिका के साथ आसपास के 47 गांव भी शामिल होंगे।
विकास क्षेत्र बनने के बाद पूरे इलाके का विकास मास्टर प्लान के अनुरूप किया जाएगा, जिससे अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण के साथ सड़क, पेयजल, सीवर, जल निकासी, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार व्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।
विकास क्षेत्र बनने से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ
घाटमपुर विकास क्षेत्र बनने के बाद—
- पूरे क्षेत्र का योजनाबद्ध और नियंत्रित विकास होगा।
- बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण पर प्रभावी रोक लगेगी।
- सड़क, सीवर, जलापूर्ति और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का बेहतर विस्तार होगा।
- औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
- भूमि उपयोग का वैज्ञानिक निर्धारण किया जाएगा।
शासन की अधिसूचना के बाद लागू होंगे नियम
नगर पालिका बोर्ड से प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। शासन की अधिसूचना जारी होने के बाद घाटमपुर विकास क्षेत्र औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ जाएगा। इसके बाद सभी निर्माण और विकास कार्य विकास प्राधिकरण के नियमानुसार संचालित किए जाएंगे।