
कानपुर, अमृत विचार। भगवान जगन्नाथ की भक्ति में गुरुवार को पूरा कानपुर सराबोर नजर आया। जनरलगंज स्थित ऐतिहासिक बाईजी मंदिर से 275वीं भगवान जगन्नाथ रथयात्रा पूरे धार्मिक उल्लास, वैदिक मंत्रोच्चार और भव्यता के साथ निकाली गई। भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले तो श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। पूरे मार्ग पर ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष गूंजते रहे।
सुबह मंगला आरती, शाम को निकली भव्य रथयात्रा
सुबह छह बजे मंदिर के पट खुलने के साथ भगवान का अभिषेक, मंगला आरती और विशेष भोग लगाया गया। दोपहर की आरती के बाद तीन बजे मंदिर के पट बंद कर दिए गए। शाम को विशेष श्रृंगार और महाआरती के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को रथ पर विराजमान कराया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच ऐतिहासिक रथयात्रा का शुभारंभ हुआ।
35 झांकियां और 18 मंडलों ने बढ़ाई शोभा
रथयात्रा में 18 सामाजिक एवं धार्मिक मंडलों ने हिस्सा लिया। भगवान के विभिन्न स्वरूपों पर आधारित 35 आकर्षक झांकियां, ध्वजपताकाएं, बैंडबाजे, पारंपरिक वाद्ययंत्र और बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। जगहजगह श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर प्रसाद वितरण किया।
इन प्रमुख मार्गों से निकली रथयात्रा
रथयात्रा जनरलगंज से शुरू होकर काहकोटी, नयागंज, हूलागंज, भूमाटोली, बर्तन बाजार, नागेश्वर मंदिर, सराफा बाजार, भनीराम बगिया, मूलगंज, चौक सर्राफा और प्रयाग नारायण शिवाला होते हुए सरसैया घाट पहुंची। यहां गंगा आरती और पूजन के बाद रथ चटाई मोहाल, कमला टावर, सिरकी मोहाल और लाठी मोहाल से होकर पुन बाईजी मंदिर पहुंचा।
व्यवस्थाओं में जुटी रही समिति, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
रथयात्रा के सफल आयोजन के लिए समिति के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, महामंत्री विवेक अग्निहोत्री, कोषाध्यक्ष निशांत शर्मा, उपाध्यक्ष कृष्ण गुप्ता, प्रचार मंत्री शिवम ओमर सहित सभी पदाधिकारी पूरे समय व्यवस्थाओं में जुटे रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी तैनात रहा।