
कानपुर। देशभर में डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क चलाने वाले गिरोह के खिलाफ कानपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर पुलिस, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस टीम और बर्रा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार रुपये के इनामी राजवीर सिंह और उसके साथी शिवम सिन्हा को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने वर्ष 2021 से 2026 के बीच फर्जी बैंक खातों के जरिए करीब 250 करोड़ रुपये का लेनदेन किया।पुलिस अब इस नेटवर्क के कथित सरगना अभय शुक्ला उर्फ सुल्तान मिर्जा की तलाश में जुटी है। उसके नेपाल या दुबई में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।
125 बैंक खातों से देशभर में फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े करीब 125 बैंक खाते ट्रेस किए गए हैं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर देशभर से करीब 1600 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब तक गिरोह से जुड़े खातों में जमा करीब 4.25 करोड़ रुपये की संदिग्ध धनराशि फ्रीज करा चुकी है। वहीं, अन्य खातों में मौजूद रकम को भी फ्रीज कराने की प्रक्रिया जारी है।
डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन गेमिंग के जरिए करते थे ठगी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड और प्रतिबंधित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को जाल में फंसाते थे। इसके बाद पीड़ितों से रकम फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। गिरफ्तार आरोपी राजवीर सिंह औरैया के दिबियापुर का रहने वाला है और वर्तमान में बर्रा क्षेत्र में रह रहा था। वहीं, शिवम सिन्हा रतनलाल नगर का निवासी है। दोनों करीब तीन महीने से फरार चल रहे थे।
बैंकिंग सिस्टम की जानकारी का उठाया फायदा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि राजवीर सिंह पहले फिनो पेमेंट बैंक में फील्ड वर्कर के रूप में काम करता था और बैंक खाते खुलवाने का काम करता था। कोविड काल के बाद उसने बर्रा में साइबर कैफे शुरू किया और वहीं से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित करने लगा। वहीं, उसका साथी शिवम सिन्हा पीएसआईटी से बैचलर ऑफ टूरिज्म की पढ़ाई कर चुका है। गिरोह का फरार सरगना अभय शुक्ला उर्फ सुल्तान मिर्जा भी पीएसआईटी से बीटेक कर चुका है।
चार बैंककर्मी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, इसी गिरोह से जुड़े चार बैंककर्मियों को 30 अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पूछताछ में पता चला था कि साइबर ठगों ने बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कराने के बदले उन्हें करीब 40 लाख रुपये दिए थे। पुलिस कमिश्नर कानपुर रघुबीर लाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में देशभर में फैले साइबर ठगी नेटवर्क और उसके अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है। पुलिस फरार सरगना समेत गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
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