Quick Samachar: NEET ReExam: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नीट अभ्यर्थियों को राहत प्रदान की है. सरकार ने घोषणा की है कि प्रदेश के सभी जिलों में परीक्षा देने जाने वाले छात्रों को यूपी रोडवेज बसों में किराए पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. इस निर्णय से लाखों छात्रों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है.

NEET अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, UP में बस किराए पर 50% मिलेगी छूट; बस दिखाना होगा एडमिट कार्ड​
NEET अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, UP में बस किराए पर 50% मिलेगी छूट; बस दिखाना होगा एडमिट कार्ड​

जानकारी के अनुसार, इस बार उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में आयोजित होने वाली नीट परीक्षा में लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे. इनमें बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की है, जिन्हें अपने परीक्षा केंद्रों तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. ऐसे में बस किराए में आधी छूट देने का फैसला छात्रों के लिए काफी मददगार साबित होगा.

केवल नीट अभ्यर्थियों के लिए लागू होगी ये सुविधा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष सुविधा केवल नीट अभ्यर्थियों के लिए लागू होगी. छात्रों को इसका लाभ उठाने के लिए बस यात्रा के दौरान केवल अपना प्रवेश पत्र दिखाना होगा. इसके आधार पर उन्हें 50 प्रतिशत रियायती किराए पर यात्रा की सुविधा दी जाएगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी छात्र को किसी प्रकार की असुविधा न हो. उन्होंने कहा कि परीक्षा देने बाहर जाने वाले छात्रों, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए उचित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

CM योगी ने प्रशासन को दिए खास निर्देश

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जिन छात्रों के पास परीक्षा शहरों में ठहरने की व्यवस्था नहीं है, उनके लिए जिला प्रशासन अस्थायी आवास और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करे. सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा के दौरान आर्थिक या मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े.

सेंटरों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के दिशानिर्देशों के अनुसार परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया है. उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए. सरकार के इस फैसले को छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल उनकी यात्रा लागत कम होगी बल्कि परीक्षा प्रक्रिया भी अधिक सुगम और व्यवस्थित हो सकेगी.