Quick Samachar: PMOS Nutrition Tips: Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome या PMOS एक आम हार्मोनल समस्या है, जिससे कई महिलाओं का जीवन प्रभावित हो रहा है। इसके बारे में सोशल मीडिया पर बहुत सी भ्रामक जानकारियां भी उपलब्ध है।

PMOS Diet: कहीं आपकी खानपान की आदतें तो नहीं बिगाड़ रहीं आपका हार्मोनल हेल्थ, जानें 6 बड़ी गलतियां​

कई महिलाएं बिना कुछ सोचेसमझे या उचित परामर्श लिए डाइट फॉलो करने लगती हैं। इससे उनके लक्षण बेहतर होने की बजाय और बिगड़ने लगते हैं। PMOS का मतलब सिर्फ वजन बढ़ना या अनियमित पीरियड्स होना नहीं है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस, इंफ्लेमेशन, हार्मोनल असंतुलन, तनाव और आपकी जीवनशैली को भी प्रभावित करता है। PMOS एक लाइफ स्टाइल डिसऑर्डर डिजीज है, इसके लिए सस्टेनेबल और प्लानिंग के साथ लड़ना होगा।

PMOS डाइट से जुड़ी 6 सबसे आम गलतियां

कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह से बंद कर देना

बहुत से लोग सोचते हैं कि PMOS वाली महिलाओं को कार्बोहाइड्रेट बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। हालांकि बहुत ज्यादा चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट खाना बुरा है, लेकिन आपके शरीर को ऊर्जा, स्वास्थ्य और स्वस्थ हार्मोन के लिए कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है। आप ओट्स, ब्राउन राइस और फल जैसे कार्बोहाइड्रेट को डाइट में आसमिल कर सकते हैं। ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने के लिए कार्बोहाइड्रेट को प्रोटीन और फाइबर के साथ खाया जा सकता है। बगैर डॉक्टरी देखभाल के सख्त डाइट नहीं अपनानी चाहिए।

डिटॉक्स का पालन करना

आप अक्सर सोशल मीडिया पर डिटॉक्स ड्रिंक्स और जूस देखते हैं जो आपके हार्मोन को रीसेट करने का दावा करते हैं और उन्हें फॉलो करने लगते हैं। इन प्लान्स में आमतौर पर प्रोटीन और फाइबर कम होता है, जिससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते। एक्सपर्ट कहते हैं, PMOS वाली महिलाएं यदि कम खाने की कोशिश करती हैं, तो उन्हें और अधिक खाने की इच्छा होने लगती है। इससे मेटाबॉलिज्म स्लो हो सकता है, आप हर वक्त थकान और चिड़चिड़ापन महसूस कर सकती हैं और आपके हार्मोन और भी ज्यादा असंतुलित हो सकते हैं। आपका लिवर और किडनी पहले से ही शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में सक्षम हैं, इसलिए आपको डिटॉक्स प्लान करने की जरूरत नहीं है। डिटॉक्स की बजाय अच्छा खाना और अपनी देखभाल करना बेहतर है।

वजन कम करने के लिए खाना छोड़ना

आमतौर पर PMOS वाली महिलाएँ खाना छोड़ देती हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे वजन तेजी से कम होगा। जब आप कुछ समय तक खाना नहीं खाते हैं, तो आपके ब्लड शुगर का स्तर ऊपरनीचे हो सकता है और हो सकता है कि आप बाद में जरूरत से ज्यादा खा लें। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस और भी खराब हो सकता है और स्ट्रेस लेवल बढ़ सकता है। इसके बजाय, आपको नियमित समय पर खाना खाने, हर बार के खाने में प्रोटीन शामिल करने और हेल्दी कैलोरी ऑप्शन को डाइट में शामिल करना चाहिए।

हेल्दी लेबल वाले पैक्ड फूड पर भरोसा करना

ग्लूटेनफ़्री या हेल्दी लेबल वाले फ़ूड का मतलब यह नहीं है कि वे PMOS वाली महिलाओं के लिए अच्छे हैं। कई पैक्ड फ़ूड में छिपी हुई चीनी, अनहेल्दी फ़ैट या आर्टिफिशियल कलर व प्रीजर्वेटिव होते हैं। प्रोटीन बार, फ़्लेवर्ड योगर्ट, ग्रेनोला और प्रोसेस्ड स्नैक्स खाते समय सावधानी बरतनी चाहिए। हमेशा इंग्रीडिएंट लेबल देखें, ताकि आपको पता रहे कि आप क्या खा रहे हैं।

प्रोटीन न खाना

कई महिलाएँ को नज़रअंदाज़ करते हुए कैलोरी कम करने पर ध्यान देती हैं। न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं, प्रोटीन खाने से पेट भरा हुआ महसूस होता है, ब्लड शुगर का स्तर स्थिर रहता है, मांसपेशियों के लिए अच्छा होता है और क्रेविंग कम होती है। अंडे, पनीर, ग्रीक योगर्ट, दाल, चिकन, मछली, नट्स और बीज जैसे प्रोटीन से भरपूर फ़ूड खाने की कोशिश करनी चाहिए।

PMOS वाली महिलाओं के लिए कोई एक डाइट काम नहीं करती है। हर महिला का शरीर अलग होता है। जो एक व्यक्ति के लिए काम करता है, जरूरी नहीं है कि वह दूसरे के लिए भी काम करें। हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं, आपका लक्ष्य हेल्दी खाने की आदत, , तनाव को मैनेज करना, नियमित रूप से व्यायाम करना और हेल्दी हार्मोनल बैलेंस बनाए रखना होना चाहिए। आपको खुद से बीमारी का पता नहीं लगाना चाहिए या आँख बंद करके ट्रेंड्स को फ़ॉलो नहीं करना चाहिए। ऑनलाइन देखी जाने वाली बहुत ज्यादा सख्त डाइट आजमाने के बजाय जीवनशैली में लगातार बदलाव करना बेहतर है।