NEET Online Exam: सुप्रीम कोर्ट की नजर नीलेकणी टास्क फोर्स की सिफारिशों पर, ऑनलाइन परीक्षा को लेकर मांगे नए सुझाव

NEET Online Exam: सुप्रीम कोर्ट की नजर नीलेकणी टास्क फोर्स की सिफारिशों पर, ऑनलाइन परीक्षा को लेकर मांगे नए सुझाव
NEET Online Exam: सुप्रीम कोर्ट की नजर नीलेकणी टास्क फोर्स की सिफारिशों पर, ऑनलाइन परीक्षा को लेकर मांगे नए सुझाव

नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा 2026 से जुड़े पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह केंद्र सरकार द्वारा गठित नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाले उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल की सिफारिशों पर नजर रखेगा। अदालत ने कहा कि यदि भविष्य में नीट परीक्षा को पारंपरिक ऑफलाइन प्रणाली के बजाय ऑनलाइन आयोजित करने पर विचार किया जाता है, तो इसके लिए नए और प्रभावी सुझावों की आवश्यकता होगी।

साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा पर अदालत का जोर

न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली अपनाने की स्थिति में साइबर सुरक्षा और डेटाबेस सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय जरूरी होंगे।

पीठ ने टिप्पणी की कि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए पारंपरिक व्यवस्था से अलग सोच और आधुनिक समाधान अपनाने की आवश्यकता है।

पेपर लीक के बाद दायर हुई थी याचिका

सुप्रीम कोर्ट राजद सांसद सुधाकर सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। यह याचिका 3 मई को आयोजित NEETUG 2026 परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराए जाने की घोषणा के बाद दायर की गई थी।

केंद्र ने बताया, मामला गंभीरता से लिया गया

केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी कर रहे हैं।

कार्यबल में शामिल हैं ये विशेषज्ञ

सरकार के अनुसार, इस उच्चस्तरीय कार्यबल में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। इनमें—

  • नंदन नीलेकणी
  • इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ
  • आईबी के पूर्व निदेशक तपन डेका
  • आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामाकोटी
  • पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल
  • लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा

3 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त के लिए निर्धारित की है।

इससे पहले 1 जून को शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता की उस मांग पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था, जिसमें 21 जून को आयोजित पुन परीक्षा को कंप्यूटर आधारित परीक्षा मोड में कराने का अनुरोध किया गया था।

पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने 12 मई को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच 3 मई को आयोजित NEETUG 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कर रही है।

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