
स्वार, अमृत विचार। नगर के मोहल्ला चक स्वार निवासी सिराज अहमद का 12 वर्षीय पुत्र शाहवेज सोमवार को अपने साथियों के साथ कोसी नदी में नहाने गया था। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। लोगों ने उसे बचाते हुए उसे बाहर निकाला और सीएचसी ले गए। लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
डूबने के दौरान शाहवेज को नदी किनारे मछली पकड़ रहे लोगों ने उसे पानी में संघर्ष करते देखा तो नदी में छलांग लगाकर बाहर निकाला। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके बाद परिजन और स्थानीय लोग उसे आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। लोगों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर इमरजेंसी में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। काफी देर तक डॉक्टर के नहीं पहुंचने से उपचार शुरू नहीं हो सका। इससे नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। हालत गंभीर होने पर परिजन शाहवेज को निजी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया। लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। किशोर की मौत से परिवार में कोहराम मच गया और मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।
सीएचसी में करीब आधे घंटे बाद चिकित्सक पहुंचे। तब तक परिजन किशोर को निजी अस्पताल ले जा चुके थे। डॉक्टर के पहुंचने पर मौजूद लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्हें खरी खोटी सुनाई। घटना के बाद क्षेत्र में सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने मांग की कि सीएचसी में 24 घंटे चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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