
शाहबाद/रामपुर, अमृत विचार। रामपुर जिले के शाहबाद नगर के लक्खी बाग स्थित प्राचीन स्वयंशंभू शिव मंदिर सदियों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। धार्मिक मान्यताओं, चमत्कारिक इतिहास और विशेष परंपराओं के कारण यह मंदिर केवल रामपुर ही नहीं, बल्कि दूरदराज के जनपदों और अन्य राज्यों तक में प्रसिद्ध है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
जब नवाब रजा अली खान ने हटवाना चाहा शिवलिंग…
मंदिर में सेवा दे रहे पुजारी शंकर नाथ और स्थानीय बुजुर्ग श्रद्धालुओं के अनुसार, इस प्राचीन मंदिर का इतिहास रामपुर रियासत के समय से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि रामपुर के तत्कालीन नवाब रजा अली खान ने यहां स्थित स्वयंभू शिवलिंग को कोई साधारण पत्थर समझकर हटवाने का प्रयास किया था। बताया जाता है कि शिवलिंग को उखाड़ने के लिए मजदूरों से लेकर हाथियों तक की ताकत लगा दी गई, लेकिन वह अपने स्थान से टस से मस नहीं हुआ। इसके बाद जब शिवलिंग पर छैनीहथौड़े और कुदाल से प्रहार किया गया, तो चमत्कारिक रूप से उसमें से दूध, रक्त और जल की धारा फूट पड़ी। इस खौफनाक और चमत्कारिक घटना को देखकर मौके पर मौजूद सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए और काम रोक दिया गया।
सपने में हुए शिव के दर्शन, फिर कराया जीर्णोद्धार
स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, उसी रात नवाब रजा अली खान को सपने में भगवान शिव के दर्शन हुए। इसके बाद नवाब ने अपनी भूल स्वीकार की और पश्चाताप करते हुए भव्य रूप से इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। तभी से यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बन गया और इसकी चमत्कारी ख्याति दूरदूर तक फैल गई।
दूर होती हैं विवाह में आ रही बाधाएं
इस शिव मंदिर की एक अनूठी मान्यता विवाह संबंधों को लेकर भी है। कहा जाता है कि जिन युवकयुवतियों के विवाह में बाधाएं आती हैं या रिश्ते तय होने में अड़चनें आती हैं, वे यहां आकर भगवान शिव से विशेष प्रार्थना करते हैं। श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। यही कारण है कि आसपास के जिलों के साथसाथ दूसरे प्रदेशों से भी लोग यहां आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। मन्नत पूरी होने पर कई परिवार तो मंदिर परिसर में ही अपने बच्चों के विवाह संबंध तय करते हैं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और लोकविश्वासों का अनूठा संगम यह लक्खी बाग का प्राचीन शिव मंदिर आज भी सनातन धर्मियों के लिए भक्ति और विश्वास का एक अद्भुत केंद्र बना हुआ है।
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