Rampur News : जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी को नहीं मिला प्रवेश, मुख्य गेट से लौटना पड़ा

Rampur News : जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी को नहीं मिला प्रवेश, मुख्य गेट से लौटना पड़ा
Rampur News : जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी को नहीं मिला प्रवेश, मुख्य गेट से लौटना पड़ा

रामपुर, अमृत विचार। सपा नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को अवैध घोषित किए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज है। इसी बीच शनिवार को रामपुर से सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी विश्वविद्यालय पहुंचे, लेकिन उन्हें मुख्य गेट से प्रवेश नहीं मिल सका। काफी देर तक इंतजार और अनुरोध के बावजूद गेट नहीं खुला, जिसके बाद सांसद बिना परिसर में प्रवेश किए ही लौट गए।

मुख्य गेट पर रोके गए सांसद

जानकारी के अनुसार, सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी शनिवार सुबह करीब 11 बजे कई सपा नेताओं के साथ जौहर विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे। विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर मौजूद गेटकीपरों ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। समर्थकों ने काफी देर तक अनुरोध किया, लेकिन गेट नहीं खोला गया।

‘बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए नहीं खोला होगा गेट’

मुख्य गेट से प्रवेश नहीं मिलने के बाद सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि “हम जौहर विश्वविद्यालय के साथ थे, हैं और आगे भी रहेंगे। बच्चों की पढ़ाई में बाधा न आए, इसलिए शायद गेट नहीं खोला गया होगा। इसे किसी विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।” इसके बाद सांसद बिना विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश किए गेस्ट हाउस की ओर रवाना हो गए।

38 भवनों पर कार्रवाई के बाद बढ़ी सियासी सरगर्मी

गौरतलब है कि जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को अवैध घोषित किए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। विपक्ष इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है, जबकि प्रशासन न्यायालय के आदेशों के अनुपालन की प्रक्रिया में जुटा है।

गेट नहीं खुलने पर शुरू हुई चर्चाएं

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी और सपा नेता आजम खान के बीच रिश्तों में पहले जैसी नजदीकी नहीं रही। ऐसे में सांसद को विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिलने की घटना को लेकर तरहतरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *