
मुरादाबाद/संभल, अमृत विचार। संभल जिले के रजपुरा क्षेत्र पंचायत में 57.80 लाख रुपये की भारी वित्तीय अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर मुरादाबाद के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए CDO को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर दिया है। कमिश्नर की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
ईग्राम स्वराज पोर्टल की जांच में खुली पोल
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने समीक्षा बैठक के दौरान ईग्राम स्वराज पोर्टल की जांच की थी, जिसमें रजपुरा क्षेत्र पंचायत के 15वें वित्त आयोग के तहत कराए गए कार्यों में बड़ी धांधली पकड़ी गई। नमूना परीक्षण के दौरान 57,80,975 रुपये की धनराशि वाले 8 वाउचरों में भारी गड़बड़ियां पाई गईं:
पुराने कार्यों पर नया भुगतान: 6 वाउचरों के जरिए किया गया भुगतान वर्ष 202122 से 202425 तक के पुराने कार्यों की आईडी पर दर्ज मिला।
दस्तावेजों में हेराफेरी: वाउचरों में दर्ज एक्टिविटी कोड और स्पेशल डायरी में अंकित कार्य एकदूसरे से बिलकुल अलग पाए गए।
ग्रांट का गलत इस्तेमाल: टाइड ग्रांट का पैसा नियमों के विरुद्ध इंटरलॉकिंग जैसे अन्य कार्यों पर खर्च दर्शाया गया।
एक ही दिन में कई भुगतान: एक ही फर्म को एक ही तारीख पर अलगअलग वाउचरों से भुगतान कर दिया गया।
अभिलेख गायब: भुगतान के समर्थन में आवश्यक माप पुस्तिका, कार्यादेश, तकनीकी स्वीकृति या निविदा से जुड़े कोई भी अभिलेख पोर्टल पर मौजूद नहीं मिले।
30 जुलाई को मांगा गया था जवाब, CDO की चुप्पी पड़ी भारी
समीक्षा के दौरान वित्तीय वर्ष 202526 और 202627 के वाउचरों में भी कई अनियमितताएं सामने आई थीं। मंडलायुक्त ने 30 जुलाई को ऐसे 30 संदिग्ध कार्यों का पूरा विवरण सीडीओ को भेजकर जवाब मांगा था। लेकिन, कई दिन बीत जाने के बावजूद सीडीओ ने इस गंभीर मामले में अपनी कोई स्पष्ट आख्या नहीं दी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसी लापरवाही पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए सीधे नोटिस थमा दिया है।
अब BDOs को किया गया तलब
कमिश्नर का नोटिस मिलते ही मुख्य विकास अधिकारी हरकत में आ गए हैं। इस नोटिस का जवाब तैयार करने और गड़बड़ियों का ठीकरा फोड़ने के लिए सीडीओ ने तत्काल प्रभाव से सभी खंड विकास अधिकारियों को तलब कर लिया है। अब देखना यह होगा कि इस वित्तीय गड़बड़ी के मामले में गाज किस पर गिरती है।
ये भी पढ़ें