Sawan 2026: भारत ही नहीं विदेश में मौजूद हैं भगवान शिव के प्रसिद्ध मंदिर, देखें तस्वीरें

Sawan 2026: भारत ही नहीं विदेश में मौजूद हैं भगवान शिव के प्रसिद्ध मंदिर, देखें तस्वीरें

सावन के महीने की शुरुआत हो चुकी है और ये आने वाली 28 अगस्त तक चलेगा. इस महीने में भगवान शिव के दर्शन करने के लिए लोग अलगअलग मंदिरों में पहुंचते हैं. यहां हम आपको भगवान शिव के विश्व में प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं…

Sawan 2026: भारत ही नहीं विदेश में मौजूद हैं भगवान शिव के प्रसिद्ध मंदिर, देखें तस्वीरें

पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू, नेपाल यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट पशुपतिनाथ मंदिर बागमती नदी के किनारे पर मौजूद है. चार मुख वाला शिवलिंग, सोने की छत, और चांदी के दरवाजे इस मंदिर को दुनिया के सबसे अलग मंदिरों में से एक बनाते हैं. भारतीयों की इस मंदिर में फ्री एंट्री है जबिक दूसरे विदेशियों से करीब एनपीआर 1000 लिए जाते हैं. सिंतबर से नवंबर के बीच यहां घूमने का टाइम बेस्ट है. इसके सबसे पास का हवाई अड्डा त्रिभुवन एयरपोर्ट है.

मुन्नेस्वरम, चिलाव, श्रीलंका कहते हैं कि यहां भगवान राम ने देवों के देव महादेव की पूजा की थी. इसके परिसर में पांच मंदिरों का कॉम्पलेक्स है जिसमें शिव का मंदिर सबसे बड़ा है. इस मंदिर की कोलंबो से दूरी करीब 80 से 85 किलोमीटर है. बस या ट्रेन से चिलाव पहुंचने के बाद छोटे वाहनों की सवारी करके यहां पहुंचा जा सकता है. यहां हर किसी के लिए एंट्री फ्री है.

प्रम्बानन मंदिर, जावा, इंडोनेशिया ये मंदिर दक्षिणएशिया का सबसे बड़ा हिंदी मंदिर कॉम्प्लेक्स है और ये एक यूनेस्को साइट भी है. यहां सबसे ऊंचा शिव का मंदिर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मंदिर में दर्शन के लिए वयस्कों से करीब आईडीआर 400000 लिए जाते हैं. मई से अक्टूबर के बीच यहां घूमने के लिए आना बेस्ट है. यहां पहुंचने के बाद गाइड लेना फायदेमंद होता है.

मुक्ति गुप्तेश्वर मंदिर, मिंटो, ऑस्ट्रेलिया ये दुनिया का पहला ऐसा मंदिर है जिसे आर्टिफिशियल गुफा में बनाया गया है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसे 13वें ज्योतिर्लिंग के रूप में माना जाता है और इसके अंदर 12 ज्योतिर्लिंग की प्रतिकृतियां मौजूद है. यहां का शांत माहौल मन को खुश कर देता है. ये सिडनी के सबसे पास है इसलिए आप इस शहर के एयरपोर्ट से यहां पहुंच सकते हैं. मंदिर और सिडनी के बीच की दूरी करीब 40 किलोमीटर है.

अरुलमिगु श्री राजा कालियम्मन ग्लास टेम्पल, मलेशिया इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत ग्लास हैं. ये देवी रजाकालियम्मन को समर्पित है जो भगवान शिव का ही एक स्त्री रूप मानी जाती हैं. कहते हैं कि इस मंदिर की दीवारों में करीब 3 लाख से ज्यादा रुद्राक्ष और रंगीन कांच लगे हैं. वैसे शिव की मूर्ति मेन अट्रैक्शन है. आप यहां जोहोर बहू शहर से आसानी से पहुंच सकते हैं.

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