
लखनऊ/बलिया। बसपा के वरिष्ठ नेता और रसड़ा विधानसभा सीट से कई बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह के निधन से पूर्वांचल की राजनीति के साथसाथ खेल जगत में भी शोक की लहर है। राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश हैंडबॉल संघ से भी लंबे समय तक जुड़े रहे और खेल के विकास में अहम योगदान दिया। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद बुधवार शाम दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद बसपा की आगामी राजनीतिक रणनीति और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर असर पड़ने की चर्चा शुरू हो गई है।
रसड़ा सीट पर बदलेगा सियासी समीकरण
उमाशंकर सिंह रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार कई बार विधायक रहे और पूर्वांचल में बसपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में उनकी गिनती होती थी। वह पार्टी प्रमुख मायावती के भरोसेमंद नेताओं में शामिल थे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उमाशंकर सिंह बसपा की सोशल इंजीनियरिंग का अहम चेहरा थे। दलित, ब्राह्मण और क्षत्रिय समीकरण को साधने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती थी। उनके निधन के बाद रसड़ा सीट पर बसपा के लिए मजबूत विकल्प तलाशना बड़ी चुनौती होगी।
मायावती और सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि
उमाशंकर सिंह के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके गोमतीनगर स्थित आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।
उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए गोमतीनगर के विपुल खंड स्थित आवास पर रखा गया, जहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव खनवर, तहसील रसड़ा, बलिया ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बीमारी के बावजूद राजनीति में रहे सक्रिय
उमाशंकर सिंह बीमारी के दौरान भी राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे। अस्पताल में भर्ती रहते हुए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को फोन कर सपा विधायक आलम बदी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की थी। बसपा प्रमुख मायावती ने उनके निधन को पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह की पार्टी के प्रति निष्ठा और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
हैंडबॉल के मैदान में भी छोड़ी अमिट छाप
राजनीति के साथ उमाशंकर सिंह खेल जगत से भी जुड़े रहे। वह उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष थे। उनके कार्यकाल में प्रदेश में हैंडबॉल के विस्तार, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास किए गए। उनके निधन पर लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम स्थित अटल बिहारी बाजपेयी बहुउद्देश्यीय हॉल में शोक सभा आयोजित की गई। इस दौरान संघ के अधिकारियों, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. आनंदेश्वर पांडेय और पूर्व अध्यक्ष कुंवर फतेह बहादुर सिंह ने उमाशंकर सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका निधन खेल और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों के लिए बड़ी क्षति है।
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