Unnao Crime News: लखनऊ में महिला का मर्डर, उन्नाव में फेंका शव… 400 CCTV फुटेज ने खोला ब्लाइंड मर्डर का राज, 3 अरेस्ट

Unnao Crime News: लखनऊ में महिला का मर्डर, उन्नाव में फेंका शव… 400 CCTV फुटेज ने खोला ब्लाइंड मर्डर का राज, 3 अरेस्ट

Unnao News: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की बिहार थाना पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस सेल ने एक ब्लाइंड मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, हत्या लखनऊ में की गई थी, जबकि शव को उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे फेंक दिया गया था. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 400 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके बाद आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली. गिरफ्तार आरोपियों में दो ऐसे अपराधी भी शामिल हैं, जिन्हें पहले से आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है.

Unnao Crime News: लखनऊ में महिला का मर्डर, उन्नाव में फेंका शव… 400 CCTV फुटेज ने खोला ब्लाइंड मर्डर का राज, 3 अरेस्ट

लखनऊ में की गई हत्या, उन्नाव में फेंका गया शव

पुलिस के अनुसार, मृतका 39 वर्षीय महिला लखनऊ की रहने वाली थी. उसका मुख्य आरोपी राधाकांत दुबे से परिचय था. आरोप है कि महिला आरोपी पर अपने साथ घर में रखने का लगातार दबाव बना रही थी. इसी बात से परेशान होकर राधाकांत दुबे ने महिला को कोल्ड ड्रिंक में नींद की दवा मिलाकर पिला दी. महिला के बेहोश होने के बाद आरोपी ने उसके सिर पर ईंट से वार कर उसकी हत्या कर दी.

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हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए अपने साथी उमेश चंद्र यादव को कार सहित बुलाया. रास्ते में पुलिस जांच से बचने के लिए आरोपियों ने एक महिला सहयोगी ज्योति को भी कार में बैठा लिया, ताकि यदि पुलिस रोके तो यह कहा जा सके कि महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है. इसके बाद आरोपी शव को उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र स्थित एक गांव के पास हाईवे किनारे फेंककर फरार हो गए.

पहचान नहीं होने पर 3 दिन बाद हुआ पोस्टमार्टम

पुलिस को हाईवे किनारे महिला का शव बरामद हुआ, लेकिन तत्काल उसकी पहचान नहीं हो सकी. पहचान न होने के कारण तीन दिन बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की.

400 से अधिक CCTV फुटेज बनी जांच की सबसे बड़ी कड़ी

SP जेपी सिंह ने बताया कि 11 जुलाई को मामले के खुलासे के लिए स्वाट और सर्विलांस टीम को लगाया गया. जांच के दौरान करीब 400 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. इसी दौरान घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर एक संदिग्ध कार दिखाई दी, जो सात मिनट के अंतराल में वहां आती और जाती नजर आई.

कार के नंबर के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई तो उसी वाहन से लखनऊ में मृतका के सवार होने की जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

2 आरोपी पहले से आजीवन कारावास की सजा पा चुके

SP जेपी सिंह और ASP अखिलेश सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी राधाकांत दुबे पर लखनऊ के कृष्णानगर थाना समेत विभिन्न थानों में 18 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. वह हिस्ट्रीशीटर भी है. एक अन्य मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुका है.

उसका साथी उमेश चंद्र यादव भी आठ आपराधिक मामलों में आरोपी है. उसे भी पहले से आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है. तीसरी आरोपी ज्योति संविदा पर केजीएमयू, लखनऊ में कार्यरत थी. पुलिस के अनुसार, उसने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में आरोपियों की मदद की.

तीनों आरोपी भेजे गए जेल

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में मुख्य आरोपी ने महिला के साथ अपने संबंधों की पुष्टि की है. आरोपी के मुताबिक, महिला उसके साथ रहने की जिद कर रही थी, जिससे परेशान होकर उसने हत्या की साजिश रची. फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

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