World Plastic surgery Day: प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े मिथक? इन गलतफहमियों से हो सकता है नुकसान, एक्सपर्ट से जानें

World Plastic surgery Day: प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े मिथक? इन गलतफहमियों से हो सकता है नुकसान, एक्सपर्ट से जानें

प्लास्टिक सर्जरी को लेकर लोगों के बीच आज भी कई तरह की गलतफहमियां और मिथक पॉपुलर हैं. कुछ लोग इसे सिर्फ सुंदर दिखने का जरिया मानते हैं, तो कुछ का मानना है कि प्लास्टिक सर्जरी के बाद इंसान पूरी तरह बदल जाता है. सोशल मीडिया, फिल्म और अधूरी जानकारी के कारण ये भ्रम और भी बढ़ गए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक सर्जरी एक गंभीर चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसे सिर्फ काबिल और प्रशिक्षित सर्जन की सलाह पर ही कराया जाना चाहिए. हर साल 15 जुलाई के दिन को वर्ल्ड प्लास्टिक सर्जरी डे के रूप में मनाया जाता है. लोगों में प्लास्टिक सर्जरी को लेकर इतनी खास जानकारी नहीं होती.

World Plastic surgery Day: प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े मिथक? इन गलतफहमियों से हो सकता है नुकसान, एक्सपर्ट से जानें

डॉक्टरों के अनुसार, प्लास्टिक सर्जरी सिर्फ कॉस्मेटिक बदलाव तक सीमित नहीं है. इसका यूज हादसे में घायल मरीजों, बर्थ से हुई स्किन प्रॉब्लम, जलने के बाद हुए नुकसान, कैंसर सर्जरी के बाद शरीर के पुनर्निर्माण और कई हेल्थ कंडीशन्स में भी किया जाता है.

प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े आम मिथक

मिथक 1 प्लास्टिक सर्जरी सिर्फ खूबसूरती बढ़ाने के लिए होती है.

सच्चाई: प्लास्टिक सर्जरी का बड़ा हिस्सा रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी का होता है, जिसका उद्देश्य शरीर के प्रभावित हिस्से की कार्यक्षमता और सामान्य स्वरूप को बहाल करना होता है.

मिथक 2 प्लास्टिक सर्जरी पूरी तरह जोखिममुक्त होती है.

सच्चाई: किसी भी सर्जरी की तरह इसमें भी संक्रमण, रक्तस्राव, एनेस्थीसिया से जुड़ी समस्याएं या अन्य जटिलताओं का जोखिम हो सकता है. इसलिए अनुभवी सर्जन और मान्यता प्राप्त अस्पताल का चयन बेहद जरूरी है.

मिथक 3 एक बार सर्जरी कराने के बाद हमेशा के लिए परफेक्ट लुक मिल जाता है.

सच्चाई: उम्र बढ़ने, जीवनशैली और शरीर में होने वाले प्राकृतिक बदलावों का असर समय के साथ बना रहता है. कुछ प्रक्रियाओं के परिणाम लंबे समय तक रहते हैं, लेकिन हमेशा स्थायी नहीं होते.

मिथक 4 सोशल मीडिया पर दिखने जैसा चेहरा आसानी से बनाया जा सकता है.

सच्चाई: फिल्टर और फोटो एडिटिंग वास्तविकता से अलग तस्वीर पेश करते हैं. हर व्यक्ति की शारीरिक बनावट अलग होती है, इसलिए परिणाम भी अलगअलग हो सकते हैं.

मिथक 5 कम कीमत में कहीं भी सर्जरी कराना सुरक्षित है.

सच्चाई: केवल सस्ती कीमत देखकर निर्णय लेना खतरनाक हो सकता है. डॉक्टर की योग्यता, अनुभव और अस्पताल की सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए.

डॉक्टर ने क्या कहा?

डॉ. शोभित शर्मा कहते हैं आजकल सोशल मीडिया और इंटरनेट के कारण लोग प्लास्टिक सर्जरी के बारे में बहुत कुछ पढ़ते और देखते हैं, लेकिन हर जानकारी सही नहीं होती. कई मरीज फिल्टर वाली तस्वीरें लेकर आते हैं और वैसा ही चेहरा चाहते हैं, जबकि हर व्यक्ति की शारीरिक संरचना अलग होती है.

हमारा उद्देश्य किसी को पूरी तरह बदलना नहीं, बल्कि उसकी नेचुरल ब्यूटी और आत्मविश्वास को सेफ तरीके से बेहतर बनाना होता है. मरीज को सर्जरी से पहले संभावित लाभ, लिमिट्स, खतरा और रिकवरी के बारे में पूरी जानकारी दी जानी चाहिए.

वे आगे कहते हैं, “प्लास्टिक सर्जरी का निर्णय जल्दबाजी या किसी के दबाव में नहीं लेना चाहिए. यदि किसी व्यक्ति की अपेक्षाएं अवास्तविक हैं या वह केवल सोशल मीडिया के प्रभाव में निर्णय ले रहा है, तो पहले उचित काउंसलिंग आवश्यक होती है.”

सर्जरी से पहले रखें इन बातों का ध्यान

सलाह केवल काबिल और बोर्डप्रशिक्षित प्लास्टिक सर्जन से ही लें.

अस्पताल या सर्जिकल सेंटर की मान्यता को चेक करें.

डॉक्टर से प्रक्रिया के लाभ, जोखिम और रिकवरी के बारे में विस्तार से पूछें.

अपनी मेडिकल हिस्ट्री, एलर्जी और चल रही दवाइयों की जानकारी छिपाएं नहीं.

सोशल मीडिया ट्रेंड या सेलिब्रिटी लुक की नकल करने के बजाय अपनी जरूरत और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें.

विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक सर्जरी तभी सफल मानी जाती है, जब मरीज की उम्मीदें वास्तविक हों और प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से की जाए. सही जानकारी, योग्य विशेषज्ञ का चयन और धैर्यपूर्ण निर्णय न केवल बेहतर परिणाम देते हैं, बल्कि अनावश्यक जोखिमों से भी बचाते हैं.

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