Quick Samachar: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान आईएएस अधिकारियों को तंज कसा है। उन्होंने कहा कि पहले आईपीएस अधिकारियों को आईएएस अधिकारी दबाते थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पुलिस भर्ती पारर्दशिता सुनिश्चित की है।

उन्होंने यूपी पुलिस में नए भर्ती हुए कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र बांटने के एक कार्यक्रम में कहा कि यह व्यवस्था 1972 से विचाराधीन थी, लेकिन किसी ने भी इसे लागू करने की हिम्मत की। उन्होंने कहा, “मैंने सात जिलों में कमिश्नरेट सिस्टम लागू की है। यह पुलिस सुधार का हिस्सा है। जो लोग पुलिस सुधार के बारे में नहीं जानते, वे कमिश्नरेट सिस्टम पर उंगली उठाते हैं।”
IAS बनाते थे दबाव योगी
ने नौकरशाही पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले आईएएस अधिकारी, जो फाइल छिपाकर रखते थे, वे आईपीएस अधिकारियों पर दबाव बनाते थे। उन्होंने कहा, “अगर यमराज भी आ जाएं तो आईएएस अधिकारी से फाइल खुलवाना मुश्किल हो जाता। यही होता था, वो खुलती ही नहीं थी, पता नहीं वो कहां पड़ी रहती थी।”
ट्रेनिंग सेंटर को विकसित किया गया
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कानून के शासन और सुशासन की स्थापना के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जरूरी है। उन्होंने कहा, “पहले प्रदेश में पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता सिर्फ 3 हजार पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग की थी। 2017 में हमें अपने पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग देने के लिए अन्य राज्यों में स्थित सेना और अर्धसैनिक बलों के ट्रेनिंग सेंटर पर निर्भर रहना पड़ा।”
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के उपलब्ध केंद्रों को इतनी क्षमता के साथ विकसित किया गया है कि उनमें हजारों पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी जा सके।
रील बनाने के बजाय अपने कर्तव्य के प्रति सतर्क रहें सीएम योगी
उन्होंने ड्यूटी के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया पर रील बनाने के मुद्दे पर भी बात की। सीएम योगी ने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों से कर्तव्य पालन में दक्षता की अपेक्षा करती है। उन्होंने आगे कहा, “हम अक्सर पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान रील बनाते हुए देखते हैं। यह अनुशासनहीनता है। हमें रील बनाने के बजाय अपने कर्तव्य के प्रति सतर्क रहना चाहिए। हमें ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे हम हंसी का पात्र बनें। इससे व्यवस्था पर उंगली उठाई जाती है।”
मोहर्रम और योग दिवस को लेकर सीएम योगी के निर्देश, NEET छात्रों को बस किराये में 50% छूट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को नीटयूजी 2026 की परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 21 जून को होने वाले नीटयूजी 2026 रीएग्जाम देने वाले छात्रों को रोडवेज बसों के किराए में 50 फीसदी की छूट दी जाएगी। इससे छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए
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