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सिर्फ एक मुद्रा, एक मंत्र और कुछ नियंत्रित सांसों से आपकी सेहत पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है। असली शांति बाहर नहीं मिलती, सांसों की लय में छिपी होती है। लेकिन गर्मी का मौसम आते ही यही लय सबसे पहले बिगड़ती है, कभी सांस तेज चलती है, कभी सीना भारी लगता है और कभी सीढ़ियां चढ़ते ही दम फूलने लगता है। सांसों को समझना बहुत जरूरी है। आमतौर पर रेस्टिंग पोजीशन में एक सेहतमंद इंसान एक मिनट में करीब 12-20 बार सांस लेता है। लेकिन अगर बिना मेहनत के सांस बहुत तेज चल रही हो या बहुत धीमी पड़ रही हो तो आपको इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि ये लक्षण बॉडी का सिस्टम बिगड़ने का पहला अलार्म हो सकता है।
गौर करने वाली बात- जब सांसों का पैटर्न बार-बार बिगड़े, चेस्ट कंजेशन हो, चक्कर आए, घबराहट हो, बहुत थकान लगे या रात में होंठ और उंगलियां नीली पड़ती दिखें, तो ये सिग्नल हैं कि लंग्स, ऑक्सीजन और पूरा ब्रीदिंग प्रोसेस प्रेशर में है। कई बार इस तरह की परेशानी, बीमारी से पहले हमारी गलतियों से शुरू होती है। झुककर बैठना जिससे फेफड़ों को फैलने की जगह कम मिलती है, कई बार बिल्कुल एक्टिव न रहना जिससे रेस्पिरेटरी मसल्स कमजोर पड़ती हैं, हर वक्त मुंह से सांस लेना जिससे धूल-गर्मी सीधे अंदर जाती है या फिर कम पानी पीना जिससे बलगम गाढ़ा हो जाता है, आपको इस तरह की गलतियों को रिपीट नहीं करना चाहिए।
खतरे में ब्रीदिंग सिस्टम- इन गलतियों के साथ-साथ जंक फूड, तला-भुना खाना, प्रदूषित हवा और देर रात भारी डिनर, ये सभी फैक्टर्स मिलकर ब्रीदिंग सिस्टम पर डबल अटैक करते हैं। इसलिए गर्मी में फेफड़ों की हिफाजत का सीधा मंत्र है, सांसों की रफ्तार पर नजर रखिए और बीद्रिंग पैटर्न को बिगड़ने मत दीजिए। योगगुरु स्वामी रामदेव के मुताबिक जो लोग अपनी सांसों पर नियंत्रण रखने के साथ-साथ प्राणायाम करते हैं, उनके आसपास ऑक्सीजन की आंधी आ जाती है।
बेहद फायदेमंद प्राणायाम- प्राणायाम की मदद से आपके फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ सकती है और श्वसन मांसपेशियों मजबूत हो सकती हैं। आपको हर रोज प्राणायाम को अपने डेली रूटीन में शामिल कर लेना चाहिए। प्राणायाम न केवल आपकी फिजिकल हेल्थ पर बल्कि आपकी मेंटल हेल्थ पर भी पॉजिटिव असर डाल सकता है। इसके साथ-साथ बाहर के तले-भुने खाने से परहेज करना शुरू कर दीजिए और घर पर बना हेल्दी खाना ही खाइए।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Quick Samachar किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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