केंद्र सरकार ने कर्मचारी पेंशन योजना , 2026 लागू कर दी है. सामाजिक सुरक्षा संहिता , 2020 के तहत लाई गई यह नई योजना अब EPS1995 और Employees’ Family Pension Scheme, 1971 की जगह ले चुकी है. नई योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा पूरी करने के बाद हर महीने नियमित पेंशन उपलब्ध कराना है. हालांकि, कई कर्मचारियों के मन में सवाल है कि क्या नई योजना में पेंशन की गणना का तरीका बदल गया है? इसका जवाब है नहीं. EPS2026 में मासिक पेंशन निकालने का फॉर्मूला पहले जैसा ही रखा गया है.

ऐसे होगी मासिक EPS पेंशन की गणना
- EPS2026 के तहत मासिक पेंशन की गणना इस फॉर्मूले से होगी—
- मासिक EPS पेंशन = ÷ 70
यहां पेंशन योग्य वेतन का मतलब नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट से पहले के अंतिम 60 महीनों के औसत मासिक वेतन से है. यानी यदि किसी कर्मचारी का औसत पेंशन योग्य वेतन 15,000 रुपये है और उसने 10 साल की पात्र सेवा पूरी की है, तो उसे लगभग 2,143 रुपये प्रति माह पेंशन मिल सकती है.
10 साल की सेवा पर कितनी मिल सकती है पेंशन?
यदि किसी कर्मचारी ने कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा पूरी कर ली है, तो अनुमानित मासिक पेंशन उसके औसत बेसिक वेतन पर निर्भर करेगी. उदाहरण के तौर पर, 10,000 रुपये के औसत बेसिक वेतन पर करीब 1,429 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी. वहीं 11,000 रुपये पर 1,571 रुपये, 12,000 रुपये पर 1,714 रुपये, 13,000 रुपये पर 1,857 रुपये, 14,000 रुपये पर 2,000 रुपये और 15,000 रुपये के औसत वेतन पर करीब 2,143 रुपये प्रति माह पेंशन मिलने का अनुमान है.
कौन बन सकता है EPS2026 का सदस्य?
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, 29 जून 2026 या उसके बाद EPF योजना में शामिल होने वाले ऐसे कर्मचारी, जिनका वेतन सरकार द्वारा तय वेतन सीमा के भीतर है, नई EPS2026 योजना के सदस्य बन सकेंगे. इसके अलावा, जो कर्मचारी पहले EPS1995 या Employees’ Family Pension Scheme, 1971 के सदस्य थे या सदस्य बनने के पात्र थे, वे भी इस नई योजना के दायरे में आएंगे.
10 साल से पहले नौकरी छोड़ने पर क्या होगा?
यदि कोई कर्मचारी 10 साल की पात्र सेवा पूरी होने से पहले नौकरी छोड़ देता है, तो उसके पास पहले की तरह दो विकल्प रहेंगे. वह Withdrawal Benefit लेकर अपनी राशि निकाल सकता है या Scheme Certificate प्राप्त कर सकता है. बाद में यदि वह किसी दूसरे EPF से जुड़े संस्थान में नौकरी करता है, तो पहले की सेवा को नई सेवा में जोड़कर पेंशन का लाभ ले सकेगा.
EPS2026 में क्या बदला?
हालांकि पेंशन की गणना का तरीका नहीं बदला है, लेकिन नई योजना में कई प्रशासनिक सुधार किए गए हैं. अब पेंशन दावों का निपटान 20 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। यदि EPFO बिना उचित कारण के दावे के निपटान में देरी करता है, तो संबंधित सदस्य को 12% सालाना ब्याज देने का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा, उच्च पेंशन से जुड़े प्रावधानों को योजना में शामिल किया गया है और नियोक्ताओं के लिए डिजिटल अनुपालन को भी अनिवार्य बनाया गया है.