Quick Samachar: Prayagraj News: लखनऊ के कोचिंग अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में बड़ा तकनीकी खामियां पाई गईं. फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच और मॉकड्रिल के दौरान सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग में लगी पाइपलाइन अचानक फट गई, जिससे अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई और कई महत्वपूर्ण विभागों में पानी भर गया.

प्रयागराज के SRN अस्पताल में मॉकड्रिल बनी मुसीबत, फायर पाइप फटने से बिल्डिंग में भरा पानी​

जानकारी के अनुसार, एसआरएन अस्पताल की सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग में फायर सिस्टम की कार्यक्षमता की जांच की जा रही थी. इसी दौरान प्लास्टिक सर्जरी विभाग के पास स्थित पंप हाउस की पाइपलाइन में पहले लीकेज शुरू हुआ और कुछ ही देर बाद पाइप तेज दबाव के कारण फट गई. पाइप फटते ही पानी की ऑफिस में भर गया.

कई विभागों में भरा पानी

देखते ही देखते ओपीडी, डायलिसिस यूनिट, सीटी स्कैन सेंटर, एक्सरे विभाग और रजिस्ट्रेशन काउंटर के आसपास जलभराव की स्थिति बन गई. अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई जगहों पर आवाजाही प्रभावित हुई और अस्पताल कर्मियों को व्यवस्थाएं संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.

घटना के समय अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह स्वयं फायर सेफ्टी सिस्टम का निरीक्षण कर रही थीं. पाइप फटने की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और सफाईकर्मियों तथा तकनीकी कर्मचारियों की टीम को तत्काल मौके पर लगाया गया. करीब दो से ढाई घंटे की लगातार मेहनत के बाद परिसर से पानी निकालने का काम पूरा किया गया, तब जाकर स्थिति सामान्य हुई.

मरीजों को हुई परेशानी

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब प्रदेशभर में सरकारी और निजी संस्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की गहन जांच की जा रही है. जांच के दौरान ही फायर सिस्टम में तकनीकी खामी सामने आने से अस्पताल के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं.

हालांकि राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी मरीज, तीमारदार या कर्मचारी को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा. बावजूद इसके, कई घंटों तक अस्पताल की सेवाएं प्रभावित रहीं और मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ा. अब प्रशासन इस तकनीकी खामी के कारणों की जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.