फेक करेंसी पर RBI का बड़ा फैसला, बैंकों को दिया ब्रांचों में डिटेक्शन मशीन लगाने का आदेश

फेक करेंसी पर RBI का बड़ा फैसला, बैंकों को दिया ब्रांचों में डिटेक्शन मशीन लगाने का आदेश

बाजार में नकली नोटों को फैलने से रोकने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक बड़ा कदम उठाया है. दरअसल, आरबीआई को लगा कि कुछ बैंक नकली नोटों को पकड़ने में ढिलाई बरत रहे हैं. इस बात को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय बैंक ने एक सख्त आदेश जारी किया है. अब अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े जिलों के सभी बैंकों को अपने यहां खास तरह की मशीनें लगानी होंगी. इसके साथ ही, कैश गिनने वाले कर्मचारियों को 31 अक्टूबर 2026 तक असलीनकली नोट पहचानने की पूरी ट्रेनिंग देने का भी निर्देश दिया गया है.

फेक करेंसी पर RBI का बड़ा फैसला, बैंकों को दिया ब्रांचों में डिटेक्शन मशीन लगाने का आदेश

बैंकों की लापरवाही पर एक्शन

रिजर्व बैंक ने इसी साल अप्रैल में बैंकों के लिए कुछ नियम बनाए थे. इनमें साफ कहा गया था कि बैंक में आने वाले हर नोट की चेकिंग मशीन से होनी चाहिए. अगर कोई नोट नकली निकलता है, तो बैंक उसे तुरंत जब्त कर लेगा. वह जाली नोट न तो ग्राहक को वापस किया जाएगा और न ही उसे फाड़ा जाएगा. उसकी बाकायदा रिपोर्ट दर्ज होगी. लेकिन, आरबीआई की चेकिंग में यह बात सामने आई कि कई बैंक इन नियमों को ठीक से नहीं मान रहे हैं. इसी लापरवाही को देखते हुए आरबीआई ने बैंकों को अपनी व्यवस्था सुधारने को कहा है.

सीमावर्ती इलाकों में बढ़ेगी चौकसी

अक्सर देखा गया है कि नकली नोट दूसरे देशों से हमारी सीमा में धकेले जाते हैं. इसी खतरे को कम करने के लिए आरबीआई ने नई योजना बनाई है. अब उन सभी जिलों में ज्यादा सख्ती होगी, जिनकी सीमाएं दूसरे देशों से लगती हैं. इन संवेदनशील इलाकों के बैंकों को सख्त निर्देश है कि वे अपनी हर ब्रांच में नोट छांटने और चेक करने वाली मशीनें तुरंत लगाएं. इसके अलावा, सभी बैंक ब्रांच और बैक ऑफिस में अल्ट्रावायलेट लैंप भी होने चाहिए, ताकि नकली नोट बैंक के सिस्टम में न घुस सके.

कर्मचारियों के लिए तय हुई डेडलाइन

मशीनें चाहे जितनी अच्छी हों, उन्हें चलाने वाले कर्मचारियों का अलर्ट रहना बहुत जरूरी है. इसलिए आरबीआई ने बैंक कर्मियों की ट्रेनिंग पर भी खास जोर दिया है. बैंकों से कहा गया है कि वे कैश काउंटर पर बैठने वाले अपने स्टाफ को असली नोट के सभी सिक्योरिटी फीचर्स की अच्छे से पहचान करना सिखाएं. ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके लिए बैंकों को जागरूकता और रिफ्रेशर प्रोग्राम चलाने होंगे. आरबीआई ने साफ कर दिया है कि 31 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में नकद लेनदेन करने वाले सभी कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी हो जानी चाहिए.

डेटा से पकड़े जाएंगे नकली नोटों के अड्डे

नकली नोटों के इस पूरे जाल को खत्म करने के लिए तकनीक और डेटा का भी इस्तेमाल होगा. रिजर्व बैंक ने बैंकों के भीतर काम करने वाले ‘फोर्ज्ड नोट विजिलेंस’ सेल को ज्यादा एक्टिव होने को कहा है. यह सेल चेक करेगा कि बैंक में पकड़े गए जाली नोटों का डेटा क्या कहता है. इससे यह पता चल सकेगा कि किन इलाकों से सबसे ज्यादा नकली नोट आ रहे हैं. इस जानकारी के आधार पर बैंक अपनी निगरानी और कड़ी कर सकेंगे. इस पूरी कवायद का मकसद यही है कि बैंकिंग सिस्टम साफसुथरा रहे और आम आदमी की मेहनत की कमाई हमेशा सुरक्षित रहे.

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