Quick Samachar: Lucknow Coaching Fire: उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के अलीगंज में हुए एक कोचिंग सेंटर में अग्निकांड का मामला सामने आया है। लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 मौतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से एक विशेष जांच दल गठित करके 7 दिनों के भीतर जांच की रिपोर्ट मांगी है।

मासूम बच्चों की मौत पर जागा प्रशासन! कानपुर में KDA की ताबड़तोड़ छापेमारी, 22 कोचिंग और बिल्डिंग्स पर गिरी गाज​
मासूम बच्चों की मौत पर जागा प्रशासन! कानपुर में KDA की ताबड़तोड़ छापेमारी, 22 कोचिंग और बिल्डिंग्स पर गिरी गाज​

वहीं दूसरी तरफ 4 अफसरों को फौरन सस्पेंड करके उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। इधर पुलिस ने एक्शन में बदलाव करते हुए 6 आरोपियों पर गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करके 4 आरोपियों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही 2 अन्य लोगों की तलाश जारी है।

कानपुर में 22 कोचिंग संस्थानों पर लगा ताला

लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण भी सक्रिय हो गया है। कोचिंग संस्थानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ केडीए ने वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कानपुर के चार जोनों में 22 प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें से पांच प्रतिष्ठानों को केडीए अधिकारियों ने सील कर दिया है। केडीए की ओर से देर रात तक अभियान चलाया गया।

Kanpur, Uttar Pradesh: Following the Lucknow fire incident, KDA launched a crackdown on coaching centres and commercial establishments. Authorities inspected 22 establishments across four zones, sealed five for violations, and continued the enforcement drive late into the night… pic.twitter.com/w4u6CT0TKa

— IANS June 23, 2026

सीएम योगी ने 4 अधिकारियों को किया निलंबित

मुख्यमंत्री योगी ने हादसे पर सख्ताई को अपनाते हुए बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण के 4 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक सस्पेंड हुए अधिकारियों के नामों में बिजली विभाग के जानकीपुरम के XEN कलेक्शन गौरव कुमार, इंदिरा नगर के फायर अफसर कमलेन्द्र कुमार सिंह, अनिल कुमार, प्रमोद पांडे शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी के दिए गए निर्देशों के अनुसार चारों अफसरों की किसी भी तरह की लापरवाही सामने आई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज

मीडिया से बात करते हुए सहायक पुलिस आयुक्त शशि प्रकाश मिश्रा ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 110,105,125,3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इतना ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6/10 के तहत 6 नामजद आरोपियों और उनके साथ अन्य जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।

गिरफ्तार आरोपियों में मकान मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पशुओं की दुकान का मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, एनिमेशन सेंटर का मालिक तुषांक जायसवाल और IT कंपनी के संचालक सुरेश साहू शामिल है।

मिली जानकारी के मुताबिक, चारों गिरफ्तार आरोपी मकान के जॉइंट ऑनर हैं। इमारत को रिहायशी के लिए मंजूर कराया गया था, लेकिन अवैध तरीके से कमर्शियल वर्क के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। बताते चले कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर भी एक्शन लेने की तैयारी है और इस मामले में भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

पीएम मोदी ने मुआवजे का किया ऐलान

बता दें, कि के अलीगंज में 3 मंजिला इमारत में लगी आग में झुलसने से 15 लोगों की मौत हो गई और 9 लोग घायल हो गए। प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे में 15 लोगों की मौत पर दुख जताया और उन्होंने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 22 लाख रुपये और घायलों को 5050 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान भी किया।

मुख्यमंत्री ने भी मृतकों के परिजन को 55 लाख और घायलों को 5050 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालातों का जायजा लिया।