Quick Samachar: Lucknow Fire Tragedy: सोमवार को राजधानी लखनऊ में हुए दुखद अग्निकांड की घटना ने सबको हिला कर रख दिया। घटना के तुरंत बाद ही राहत और बचाव का कार्य शुरू हुआ और मौके पर सभी आला अफसर सहित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। शासन और तंत्र की नाक के नीचे हुए इस अग्निकांड ने जहां पुरानी घटनाओं की याद ताजा कर दी। वहीं सुरक्षा उपायों और अवैध निर्माण की भी पोल खोलकर रख दिया।

अब सवाल यह कि सरकार और सिस्टम ने आखिर पूर्व की घटनाओं से क्या सबक लिया? वैसे तो इस बात कि खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी लेकिन जानकारों के मुताबिक जिस बिल्डिंग में आग लगी उसको सील कर दिया गया था। फिलहाल लखनऊ की इस घटना ने 2023 में दिल्ली के मुखर्जीनगर में हुए अग्निकांड की याद दिला दी है।
ज्वालामुखी के मुहाने पर UP
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित तमाम अन्य शहर अवैध निर्माण के चलते एकदम ज्वालामुखी के मुहाने पर है। ऐसे ही आग लगने की घटनाएं होने पर कार्यवाही के नाम पर SIT जांच, फिर दोषी बरी और अंत में नतीजा सिफर ही रहता है। ऐसा नहीं है कि आज की यह आग लगने की घटना कोई नयी है। इसके पहले राजधानी लखनऊ के एसएसजी इंटरनेशनल और विराट होटल में 19 जून 2018 को लगी आग और 05 सितम्बर 2022 को राजधानी लखनऊ के ही एक होटल लेवाना में लगी आग से हुई मौतों ने सरकारी तंत्र की पोल खोल कर रख दिया था।
राजधानी के एसएसजी इंटरनेशनल और विराट होटल में लगी आग के बाद वर्तमान डीजीपी व तत्कालीन एडीजी राजीव कृष्ण की जांच में 30 अधिकारियों, इंजीनियर, कर्मचारियों को होटल के अवैध निर्माण और अग्निकांड के मामले में जिम्मेदार माना गया था। ये लोग चारबाग इलाके में वर्ष 2012 से 2018 तक तैनात थे।
पिछले हादसे में SIT जांच महज ड्रामा
लेकिन के सख्त निर्देश और कुछ दिन की सख्ती के बाद नतीजा फिर वही ढाक के तीन पात वाली रही। कितनों के घर अनाथ हुए और कितनों के अरमान टूटे लेकिन कार्यवाही के नाम पर फिर वही SIT, कुछ दिन बाद आरोपी बरी हो जायेंगे और सिस्टम फिर से अपने पुराने ढर्रे पर चलना शुरू करेगा।
2018 के अग्निकाण्ड के बाद इन्हीं पुलिस महानिदेशक महोदय के नेतृत्व में गठित कमेटी ने जांच कर दोष तय किये थे और सुरक्षा मानकों की एक SOP भी बनाई थी। लेकिन आज की घटना ने फिर साबित किया कि घटनाएं होती रहती हैं और सिस्टम अपनी रफ़्तार में चलता रहता है, चाहे सरकार किसी की भी हो।
सोमवार को के अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया स्थित एक एनीमेशन सेंटर में लगी भीषण आग से करीब 15 लोगों के मरने की पुष्टि हुई। आग लगने के बाद बिल्डिंग में भरे धुएं के कारण अंदर मौजूद छात्रों में कई जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दिया। घटना के तुरंत बाद राहत व बचाव का काम शुरू हुआ और मौके पर डीजीपी राजीव कृष्ण और प्रमुख सचिव संजय प्रसाद भी पहुंचे।
लखनऊ से राजेश मिश्र की रिपोर्ट
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