Quick Samachar: Sarguja News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से बैंकिंग फ्रॉड का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां होम लोन दिलाने के नाम पर एक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से 57.55 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है. पांच शातिरों ने मिलकर पीड़ित के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और छह अलगअलग बैंकों से कुल 1.05 करोड़ रुपये से अधिक का लोन पास करा लिया. इसके बाद झांसा देकर लोन की 60 फीसदी राशि अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली. अब किस्तें न चुकाने पर बैंकों ने पीड़ित अधिकारी का वेतन खाता सीज कर दिया है. धौरपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

‘लोन आपका, किस्तें मैं भरूंगा…’, अंबिकापुर में होम लोन के नाम पर कृषि अधिकारी से 58 लाख की ठगी, सैलरी अकाउंट सीज​
‘लोन आपका, किस्तें मैं भरूंगा…’, अंबिकापुर में होम लोन के नाम पर कृषि अधिकारी से 58 लाख की ठगी, सैलरी अकाउंट सीज​

पीड़ित लालसाय राम बखला लुण्ड्रा के रहने वाले हैं और कृषि विभाग में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं. उन्होंने पुलिस को बताया कि साल 2024 में उन्हें अपना घर बनाने के लिए लोन की आवश्यकता थी. इसी दौरान उनकी मुलाकात सुरेंद्र सिंह और संतोष दास नाम के व्यक्तियों से हुई. इन दोनों ने लालसाय को किशुनपुर निवासी शिवशंकर दास से मिलवाया, जिसने बड़ी आसानी से जरूरत के मुताबिक होम लोन दिलाने का भरोसा दिया.

OTP लेकर 6 बैंकों से पास करा दिया 1.05 करोड़ का लोन

आरोपी शिवशंकर दास ने लोन प्रक्रिया के नाम पर लालसाय से सभी जरूरी दस्तावेज ले लिए. इसके बाद उसने अलगअलग बैंकों में लोन के लिए आवेदन कर दिया. प्रक्रिया के दौरान लालसाय के मोबाइल पर आए तमाम ओटीपी को शिवशंकर ने चालाकी से अपने पास शेयर करवा लिया. कुछ ही समय में पीड़ित के नाम पर अलगअलग 6 बैंकों से कुल 1 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये का भारीभरकम लोन स्वीकृत हो गया.

‘टेंशन मत लेना, किस्तें मैं भरूंगा’ का दिया झांसा

जब लालसाय के खातों में इतनी बड़ी रकम आई, तो उन्होंने इतनी अधिक राशि का लोन होने पर कड़ी आपत्ति जताई. इस पर मुख्य आरोपी ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा, “आप टेंशन मत लो, लोन की 60 प्रतिशत राशि मुझे दे दो. बाकी बची रकम का इस्तेमाल आप अपने घर के लिए करो. इस पूरे लोन की सभी किस्तें मैं खुद समय पर जमा करूंगा.” जालसाज ने पीड़ित को अपने झांसे में लेने के लिए यहाँ तक कह दिया कि अगर वह किस्त नहीं चुका पाया, तो अपनी जमीन और मकान पीड़ित के नाम कर देगा.

41 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर और 16.55 लाख कैश लिए

आरोपियों के इस भरोसे में आकर पीड़ित अधिकारी ने आरटीजीएस के जरिए लगभग 41.05 लाख रुपये शिवशंकर दास, अरविंद कुमार और आशा मानिकपुरी के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए. इसके अलावा अलगअलग तारीखों में 16.55 लाख रुपये नकद भी आरोपियों को सौंप दिए. आरोपियों ने अपने वादे के मुताबिक शुरुआती 5 किस्तों का भुगतान तो किया, लेकिन उसके बाद हाथ खींच लिए और गायब हो गए.

वेतन खाता हुआ सीज, आर्थिक संकट में फंसा परिवार

लोन की किस्तें बंद होते ही आईसीआईसीआई , एचडीएफसी , एसबीआई , एक्सिस बैंक, चोला मंडलम और ग्रामीण बैंक से पीड़ित को भारीभरकम रिकवरी नोटिस आने लगे. हद तो तब हो गई जब बैंकों ने लोन की वसूली के लिए पीड़ित का सैलरी अकाउंट ही सीज कर दिया. इससे अधिकारी के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

पीड़ित की लिखित शिकायत पर धौरपुर पुलिस ने आरोपी शिवशंकर दास, सुरेंद्र सिंह, संतोष दास, अरविंद कुमार और आशा मानिकपुरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 और 61 के तहत धोखाधड़ी और साजिश रचने का मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है.