Quick Samachar: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले को लेकर सियासत गरमाई हुई है. विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर केंद्र और सरकार सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है. इस मामले की जांच का जिम्मा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को सौंपा था. SIT ने आज को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट यूपी सरकार को सौंप दी है.

जानकारी के मुताबिक 3 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने अपनी रिपोर्ट यूपी के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय प्रसाद को सौंप दी है. इस रिपोर्ट में पिछले दिनों की कई जांच की पूरी जानकारी है. माना जा रहा है कि अब कई लोगों के नाम सामने आ सकते हैं और कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.
#WATCH | Uttar Pradesh: The 3member Special Investigation Team , probing the alleged Ram Temple donation embezzlment case, submits its preliminary report to Sanjay Prasad, UP Additional Chief Secretary . pic.twitter.com/xixuOAhhor
— ANI June 23, 2026
SIT ने बताए जांच के नजीते
लखनऊ मंडल के आयुक्त और SIT अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने SIT के दोनों सदस्यों के साथ अपर ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है. पंत ने कहा कि हमने रिपोर्ट सौंप दी है यह एक शुरुआती रिपोर्ट है और इसकी जानकारी गोपनीय है. उन्होंने कहा कि फिलहाल हम कुछ कुछ भी बता नहीं सकते. हमने अपनी जांच के नतीजे उन्हें बता दिए हैं.
#WATCH | Lucknow, UP: Vijay Vishwas Pant, a member of the SIT, says, “We have submitted the report to Additional Chief Secretary . This is an initial report and we have submitted it to him. The details are confidential, so we cannot disclose anything at the moment. We have https://t.co/pzIGYzGpDF pic.twitter.com/JJM1wspCFm
— ANI June 23, 2026
आगे की कार्रवाई पर नजर
वहीं सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि जांच की कार्रवाई अभी प्रचलित है. यानी यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है और मामले की जांच अभी आगे भी जारी रहेगी. अयोध्या मामले को लेकर SIT ने पिछले दिनों कई स्तरों पर जांच, पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल की थी. अब प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद इस संवेदनशील मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी.
रिपोर्ट में 150 लोगों से पूछताछ की जानकारी सूत्र
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट लगभग 150 पेज की है और इसमें लगभग 150 व्यक्तियों से की गई पूछताछ का विवरण शामिल है. बताया जा रहा है कि SIT ने एफआईआर दर्ज करने और मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की सिफारिश की है. टीम ने मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी की नियुक्ति और विस्तृत जांच के लिए SIT को अतिरिक्त समय देने का भी सुझाव दिया है. सूत्रों ने बताया कि SIT ने पिछले पांच वर्षों में मंदिर को प्राप्त सभी दान का ऑडिट करने की सिफारिश की है.
रिपोर्ट में दान के प्रबंधन में भविष्य में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए कई उपायों का भी प्रस्ताव दिया गया है, जिनमें कर्मचारियों की नई भर्ती और प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करना शामिल है. रिपोर्ट की सिफारिशों पर अंतिम निर्णय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेंगे.
💬 Comments (0)
Leave a Comment