नई दिल्ली: जंतर मंतर पर आंदोलन की सफलता के बाद CJP नेताओं के होटल में जश्न मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है. बीजेपी नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने इस वीडियो को साझा करते हुए आंदोलन की फंडिंग पर सवाल उठाए हैं।. वहीं, होटल के मैनेजर ने पहली बार पार्टी से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने रखी हैं.

150 से 200 लोगों के लिए बुक हुई थी पार्टी
पटेल नगर स्थित होटल के मैनेजर ने बताया कि पार्टी से एक दिन पहले होटल मालिक का फोन आया था. उन्हें बताया गया कि करीब 150 से 200 लोगों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित करना है. इसके बाद होटल स्टाफ ने सभी तैयारियां शुरू कर दीं. मैनेजर के अनुसार, शाम करीब 6:15 बजे के बाद मेहमानों का आना शुरू हुआ. शुरुआत में होटल स्टाफ किसी भी व्यक्ति को नहीं पहचानता था लेकिन बाद में पता चला कि कार्यक्रम में CJP के कई नेता और समर्थक शामिल हैं.
क्या था पार्टी का मेन्यू?
होटल मैनेजर के मुताबिक, कार्यक्रम में सामान्य शाकाहारी भोजन परोसा गया था. यह कोई विशेष लग्जरी या थीम आधारित पार्टी नहीं थी बल्कि सामान्य डिनर का आयोजन था. होटल की ओर से नियमित बुफे शैली में भोजन की व्यवस्था की गई थी. जिसमें रोटी, चावल, दाल और पनीर के कई आइटम खाने में परोसे गए थे.
DJ था, लेकिन शराब नहीं परोसी गई
वायरल वीडियो में लोगों को डांस करते देखा गया जिससे सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जाने लगे. हालांकि होटल मैनेजर ने स्पष्ट किया कि पार्टी में संगीत की व्यवस्था थी लेकिन होटल की ओर से किसी भी प्रकार की शराब नहीं परोसी गई. मैनेजर का कहना है कि पार्टी पूरी तरह भोजन और संगीत तक सीमित थी। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। शराब परोसने या बार की व्यवस्था जैसी कोई बात नहीं थी.
वायरल वीडियो के बाद उठा फंडिंग का मुद्दा
वरिष्ठ अधिवक्ता और बीजेपी नेता महेश जेठमलानी ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि आंदोलन के दौरान ट्रैवल, भोजन, ठहरने, टेक्नोलॉजी और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च किसने उठाया. उन्होंने आंदोलन की फंडिंग की जांच की मांग करते हुए कहा कि इस पूरे आयोजन के पीछे आर्थिक मदद किसने की यह सामने आना चाहिए.
CJP ने दी सफाई
महेश जेठमलानी के आरोपों के बाद CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि नई पीढ़ी आंदोलन करने के साथसाथ जश्न भी मना सकती है. उन्होंने लिखा कि आज का युवा सड़क पर प्रदर्शन भी करता है, कॉफी पीते हुए बैठक भी करता है और सफलता मिलने पर जश्न भी मनाता है उनके मुताबिक, किसी आंदोलन को पुराने पैमानों से नहीं आंका जाना चाहिए.
कांग्रेस ने भी किया पलटवार
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी महेश जेठमलानी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें ‘शांत रहना चाहिए’ और बिना तथ्यों के इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि सही समय पर बोलना ही बेहतर होता है.