Quick Samachar: मणिपुर में आज सुबह सुबह 5.2 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। मणिपुर के साथ ही नागालैंड, असम और मेघालय तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की गहराई 62 किलोमीटर थी। इस भूकंप से फिलहाल जानमाल के बड़े नुकसान की कोई तात्कालिक खबर नहीं है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, मंगलवार तड़के मणिपुर में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया। यह भूकंप 21 अप्रैल को भारतीय समयानुसार सुबह 5:59:33 बजे आया और इसका केंद्र कामजोंग में स्थित था। अहले सुबह आए भूकंप से डरकर लोग घर से निकलकर भागने लगे।

मणिपुर में 5.2 तीव्रता के भूकंप के झटके, नागालैंड, असम और मेघालय तक कांपी धरती
मणिपुर में 5.2 तीव्रता के भूकंप के झटके, नागालैंड, असम और मेघालय तक कांपी धरती

मणिपुर में बंद, विरोध प्रदर्शन और घाटियों में हत्याओं का सिलसिला जारी है। अधिकारियों ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में संदिग्ध उपद्रवियों द्वारा दो बच्चों और कुछ नागरिकों की हत्या के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा बुलाए गए दो अलगअलग बंदों के कारण सोमवार को मणिपुर के कई पहाड़ी और घाटी जिलों में जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। मैतेई समुदाय बहुल घाटी के सभी पांच जिलों के साथसाथ नागा बहुल उखरुल और सेनापति जिलों में भी स्कूल, कॉलेज और बाजार बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन बंद रहा, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

राज्य की राजधानी इम्फाल में उरीपोक और नागरम सहित इम्फाल घाटी के कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए। महिलाओं के समूह मीरा पैबिस ने बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में 7 अप्रैल को हुए बम हमले के विरोध में रविवार से शुरू होने वाले पांच दिवसीय बंद का आह्वान किया है, जिसमें सोते समय एक पांच वर्षीय लड़के और उसकी छह महीने की बहन की मौत हो गई और उनकी मां घायल हो गई। इस घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिसमें तीन लोग मारे गए और लगभग 30 अन्य घायल हो गए, जब एक भीड़ ने पास के सीआरपीएफ शिविर पर धावा बोलने की कोशिश की और सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की।