
अमृत विचार, बरेली : आला हजरत के मंच से उलमा ने मुसलमानों को धरनाप्रदर्शनों से दूर रहने की नसीहत दी है। इस संदेश के साथ कि हमारे कई बेगुनाह नौजवान सालों से जेलों में बंद हैं। इसलिए बेहतर है कि ऐसे धरनाप्रदर्शनों से दूर रहें, जिनका कोई लीडर नहीं होता। अगर कोई मुद्दामसला आए भी तो पुलिसप्रशासन का सहारा लें। कोर्टचहरी का रुख करें। लेकिन प्रदर्शनों से दूर रहें। दरगाह आला हजरत से जुड़े मुफ्ती सलीम नूरी ने अपनी तकरीर में ये संदेश दिया है। सनद रहे कि बरेली में पिछले कुछ सालों में बड़े विरोधप्रदर्शन देखने को मिले हैं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं।
मुफ्ती सलीम नूरी ने अपने पैगाम में कहा कि मुसलमान उच्च शिक्षा हासिल करें। आर्थिक और शैक्षिक रूप से मजबूत करके, मुल्क की तरक्की में शामिल हों। मुस्लिम इलाकों में विद्यालय खोलें। नशे से दूर रहें। क्योंकि बच्चे ही हमारे मुल्क का भविष्य है।
मदरसों को आतंक के अड्डे के रूप में प्रचारित करने की टीस भी दिखी। उलमा ने मंच से कहा कि मदरसों से हमेशा देश प्रेम का पाठ पढ़ाया गया है। देश भक्त पैदा किए हैं।
मोबाइल की जगह हाथ में हो किताब
उर्से रजवी के मंच का संचालन करते हुए कारी यूसुफ रज़ा संभली ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के संदर्भ में तकीर की। उन्होंने कहा कि बेटियों को अच्छी शिक्षा और संस्कार दिए जाएं। बेटियों के हाथों में मोबाइल की जगह कानून ए शरीयत, बहारे शरीयत जैसी किताबें दें ताकि वो समझ सके कि भलाई किसमें है। कारी अब्दुर्रहमान क़ादरी ने कहा कि आला हजरत के मिशन को हुज्जातुल इस्लाम, मुफ्तीएआज़म हिन्द, मुफस्सिरएआज़म,रेहानएमिल्लत समेत खानदान के बुजुर्गों ने आगे बढ़ाया। रेहानएमिल्लत ने मज़हबओमसलक के फरोग के लिए यूरोप,अफ्रीका,अमेरिका समेत एशिया के मुल्कों का दौरा कर परचमएरज़ा को बुलंद किया।
मौलाना साबिर उल क़ादरी ने कहा कि रेहान एमिल्लत जहां एक तरफ बेहतरीन शायर थे वहीं दूसरी तरफ आपने बहुत से फतवे भी लिखे। सुबह 09 बजकर 58 मिनट पर कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। फातिहा कारी सखावत मुरादाबादी,मुफ्ती जमील नूरी,मुफ्ती अख्तर हुसैन ने पड़ी। खुसूसी दुआ मुफ्ती आकिल रज़वी ने मुल्क ओ मिल्लत की खुशहाली के लिए की। दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर इस्लामिया मैदान में मुफ्ती अय्यूब नूरी ने नमाज़ ए जुमा अदा कराया। हजारों लोगों ने नमाज़ अदा की।
दिनभर चला चादरपोशी का सिलसिला
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी के मुताबिक शुक्रवार को दिनभर दरगाह पर चादरपोशी का सिलसिला चला। राजनीतिक दलों की चादरें भी आईं। इसमें कांग्रेस और एआईएमआईएम भी शामिल है। इसके अलावा सामाजिक संगठन, आम जायरीन भी दरगाह पर हाजिरी देने पहुंचते रहे। शनिवार को आला हजरत का कुल होगा। इससे पहले आज रात को इस्लामिया मैदान और मथुरापुर स्थित मदरसा जामियातुर्रजा में कार्यक्रम होंगे।