
बरेली, अमृत विचार। बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के बरेली मेडटेक इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन लैब्स फाउंडेशन और आईआईटी कानपुर के इनक्यूबेटर से संबद्ध स्टार्टअप लेनेक टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के बीच स्वास्थ्य सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों के विकास और क्लिनिकल मूल्यांकन को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
इस सहयोग के माध्यम से विश्वविद्यालय की क्लिनिकल विशेषज्ञता और लेनेक टेक्नोलॉजीज की उन्नत एआई तकनीकों को एक मंच पर लाकर वास्तविक चिकित्सा परिस्थितियों के अनुरूप आधुनिक डायग्नोस्टिक समाधान विकसित, परीक्षण और लागू किए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनाना है। सहयोग के पहले चरण में लेनेक टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित लेक्सिस हैंडहेल्ड एक्सरे जनरेटर का रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में क्लिनिकल मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा दोनों संस्थान संयुक्त रूप से एआई आधारित मेडिकल डायग्नोस्टिक्स का विकास, नई तकनीकों का परीक्षण, डायग्नोस्टिक प्रक्रियाओं एवं मरीजों की देखभाल मानकों में सुधार और अनुसंधान एवं क्लिनिकल प्रशिक्षण को बढ़ावा देंगे।
एमओयू के तहत बीएमआईआईएल के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से विद्यार्थियों, चिकित्सकों और हेल्थकेयर इनोवेटर्स के लिए अनुसंधान, प्रशिक्षण और स्टार्टअप विकास के नए अवसर भी सृजित किए जाएंगे। यह सहयोग बीएमआईआईएल के संस्थापक डॉ. वरुण अग्रवाल एवं लेनेक टेक्नोलॉजीज के संस्थापक सिदेश कुमार धाकड़ की साझा सोच का परिणाम है। एमओयू पर लेनेक टेक्नोलॉजीज की ओर से चिराग अग्रवाल और बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. लता अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर लेनेक टेक्नोलॉजीज की टीम के चिराग अग्रवाल और डॉ. हिमानी सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर में लेक्सिस हैंडहेल्ड एक्सरे सिस्टम का प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों ने डिवाइस की गुणवत्ता, पोर्टेबिलिटी और उपयोग में सरलता की सराहना करते हुए क्लिनिकल मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उत्साह जताया।