Bareilly News : 5 करोड़ का दिव्यांग बालिका विद्यालय बना शोपीस, उगी झाड़ियां

Bareilly News : 5 करोड़ का दिव्यांग बालिका विद्यालय बना शोपीस, उगी झाड़ियां
Bareilly News : 5 करोड़ का दिव्यांग बालिका विद्यालय बना शोपीस, उगी झाड़ियां

बरेली, अमृत विचार। मानसिक रूप से दिव्यांग बालिकाओं को सुरक्षित आवास, विशेष शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया नवीन ममता राजकीय मानसिक मंदित बालिका विद्यालय एवं आश्रय गृह अपने उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह सरकारी संस्थान वर्षों बाद भी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो सका है। हालात यह हैं कि भवन के चारों ओर झाड़ियां और घासफूस उग आई हैं। विद्यालय बन तो गया, लेकिन संचालन अभी तक नहीं हो सका।

सुभाषनगर के पटेल विहार क्षेत्र में बने इस आवासीय विद्यालय को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की महत्वाकांक्षी परियोजना के रूप में तैयार किया गया था। यहां मानसिक रूप से दिव्यांग 50 बालिकाओं के रहने, पढ़ने, चिकित्सा सुविधा और व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रस्तावित थी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों से मेल नहीं खाती। संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बावजूद संस्थान अब तक पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सका। लोगों का कहना है कि भवन निर्माण पूरा होने के बाद भी पर्याप्त विशेष शिक्षक, प्रशिक्षित स्टाफ, मनोवैज्ञानिक, चिकित्सक और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती समय पर नहीं हो सकी। इसी वजह से संस्थान का संचालन नहीं हो सका। लंबे समय तक समुचित उपयोग न होने से अब भवन और परिसर पर भी इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। परिसर में उगी झाड़ियां, जगहजगह फैली घास और सूना वातावरण इस बात की ओर इशारा करते हैं कि रखरखाव पर भी अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। गेट पर ताला लगा हुआ है।

करोड़ों खर्च, फिर भी अधूरा सपना
प्रदेश सरकार ने दिव्यांग बालिकाओं को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए थे। उम्मीद थी कि यहां आधुनिक शिक्षा, पुनर्वास और प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी, लेकिन वर्षों बाद भी जरूरतमंद बालिकाओं को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब भवन बनकर तैयार था तो उसके संचालन की तैयारियां समय रहते क्यों नहीं की गईं।

राजकीय मानसिक मंदित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्र बना सहारा
नवीन ममता राजकीय मानसिक मंदित बालिका विद्यालय एवं आश्रय गृह के बरामर में बना राजकीय मानसिक मंदित आश्रय सह प्रशिक्षण केंद्र ऐसे बच्चों के लिए सहारा बना हुआ है जिन दिव्यांग बच्चों का कोई सहारा नहीं है। ऐसे बच्चों को यहा खाने से लेकर पढ़ने की सुविधा दी जा रही है। इस समय यहा इस तरह के 25 बच्चे मौजूद हैं। जिनमें अभी हाल में ही तीन बच्चे पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए थे।

विभाग के जिम्मे संचालन
जिले स्तर पर इसके सीधे प्रभारी अधिकारी जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी बरेली हैं। वर्तमान में यह पद चमन सिंह के पास है, वही प्रवेश, स्टाफ और देखभाल की जिम्मेदारी देखते हैं। इनके अलावा संस्था अधीक्षक और विकास भवन के कमरा नंबर 4 में बैठने वाला दिव्यांगजन कार्यालय भी इससे जुड़ा है। अब देखभाल के अभाव में हालत यह है कि भवन कई जगह से चटकने लगा है, दीवारों का सिमेंट उधड़ने लगा है। इस बारे में जब प्रभारी अधिकारी जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी चमन सिंह से बात करना चाहा तो उनका फोन नहीं उठा।

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