IIT बॉम्बे स्टूडेंट सुसाइड केस में प्रोफेसर सस्पेंड: नकल करते पकड़ा था

IIT बॉम्बे स्टूडेंट सुसाइड केस में प्रोफेसर सस्पेंड: नकल करते पकड़ा था
IIT बॉम्बे स्टूडेंट सुसाइड केस में प्रोफेसर सस्पेंड: नकल करते पकड़ा था

IIT बॉम्बे में दूसरे साल के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद मचे बवाल के बीच प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को Dean of Student Affairs के पद से हटा दिया गया है। दरअसल, 20 साल के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का नाम चर्चा में आया। साहिल वाकोडे के पिता की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने IIT बॉम्बे के प्रोफेसर और परीक्षा के दौरान इनविजिलेटर रहे सूर्यनारायण दूल्ला के खिलाफ FIR दर्ज की है। छात्र के पिता ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायत के मुताबिक, साहिल को कथित तौर पर पिछले कुछ महीनों से परेशान किया जा रहा था। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रोफेसर दूल्ला ने छात्र के खिलाफ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल जांच के अधीन हैं और पुलिस ने इन्हें अभी साबित नहीं माना है। मामले की जांच अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। क्राइम ब्रांच छात्र की मौत से जुड़े हालात और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच करेगी।

IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने किया प्रोफेसर का समर्थन
इन आरोपों के बीच IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के समर्थन में बयान जारी किया है। फोरम ने कहा कि परीक्षा के दौरान प्रोफेसर संस्थान के नियमों के तहत अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

फोरम के मुताबिक, प्रोफेसर दूल्ला ने छात्र को परीक्षा के दौरान बिना अनुमति स्मार्टफोन रखने और उसका इस्तेमाल करने की स्थिति में पाया था। फोरम ने इसे “academic malpractice” बताया और प्रोफेसर के प्रति एकजुटता जताई। साथ ही छात्र के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।

परीक्षा के दौरान क्या हुआ था?
IIT बॉम्बे के अनुसार, साहिल वाकोडे Department of Energy Science and Engineering के छात्र थे। संस्थान ने बताया था कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उन्हें परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था।

संस्थान के अनुसार, छात्र ने परीक्षा के प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड कर उसके जवाब हासिल करने की कोशिश की थी। IIT बॉम्बे ने यह भी कहा था कि छात्र के खिलाफ उस समय कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी।

फैकल्टी फोरम के अनुसार, प्रोफेसर दूल्ला संबंधित कोर्स के इंस्ट्रक्टर थे और 18 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक हुई मिड-सेमेस्टर परीक्षा में इनविजिलेशन कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने छात्र को कथित तौर पर बिना अनुमति स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हुए देखा था।

फिलहाल, प्रोफेसर दूल्ला के खिलाफ लगाए गए आरोपों और छात्र की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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