Lucknow News: लखनऊ में 2100 महिलाओं ने रचा हरियाली तीज का रिकॉर्ड! हरे रंग में सजा केडी सिंह स्टेडियम, गूंजा नारी शक्ति का संदेश

Lucknow News: लखनऊ में 2100 महिलाओं ने रचा हरियाली तीज का रिकॉर्ड! हरे रंग में सजा केडी सिंह स्टेडियम, गूंजा नारी शक्ति का संदेश

लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में हरियाली तीज के अवसर पर रविवार को भव्य आयोजन हुआ। यहां करीब 2100 महिलाओं ने सामूहिक रूप से हरियाली तीज मनाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने का दावा किया।

अवध शिल्पग्राम की अध्यक्ष पुनीता भटनागर के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों और श्रृंगार के साथ भारतीय संस्कृति की मनमोहक छटा बिखेरी। हरे रंग के परिधानों में सजी महिलाओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ हरियाली तीज का उत्सव मनाया। कार्यक्रम में महिला एकता, नारी शक्ति, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

हरियाली तीज बनी नारी शक्ति का उत्सव

आयोजकों के मुताबिक हरियाली तीज को केवल धार्मिक पर्व तक सीमित न रखते हुए इसे नारी शक्ति और प्रकृति प्रेम के उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया गया। महिलाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से भारतीय परंपराओं और त्योहारों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।

पारंपरिक श्रृंगार ने खींचा ध्यान

कार्यक्रम में महिलाओं का पारंपरिक श्रृंगार और हरे रंग के परिधान आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। लोक संस्कृति और पारंपरिक रंगों से सजे आयोजन ने स्टेडियम में उत्सव जैसा माहौल बना दिया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज के आयोजन में भाग लेकर महिला एकता का संदेश दिया।

इनकी रही प्रमुख भूमिका

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुषमा खर्कवाल मौजूद रहीं। ये खबर आप क्विक समाचार में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा विश्व मंगल सभा की प्रियंका शुक्ला, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं विश्व मंगलमयी सदाचार सभा की सहसंयोजक अवध प्रांत की डॉ. सुमन त्रिपाठी, मानस योग केंद्र की संचालिका रजनी सिंह और प्रियंका जायसवाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार महिलाओं को एकजुट कर इस आयोजन को भव्य रूप देने में इन सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच देने की पहल

आयोजकों ने कहा कि 2100 महिलाओं के सामूहिक हरियाली तीज आयोजन के जरिए भारतीय संस्कृति, महिला शक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। आयोजन को नारी शक्ति और सांस्कृतिक गौरव का यादगार अध्याय बताया गया।

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