
महराजगंज । रायबरेली का केंद्रीय वाहन यार्ड अब उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लिए एक मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। पुलिस मुख्यालय, लखनऊ से आई टीम ने महराजगंज के हैदरगढ़ रोड स्थित अत्याधुनिक केंद्रीय वाहन यार्ड का निरीक्षण किया और यहां की व्यवस्थाओं को सराहते हुए इसे ‘रायबरेली मॉडल’ के रूप में अपनाने का निर्णय लिया है। अब प्रदेश के सभी जिलों में इसी तर्ज पर आधुनिक केंद्रीय वाहन यार्ड विकसित किए जाने की तैयारी है।
तीन एकड़ में विकसित है आधुनिक वाहन यार्ड
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में लगभग तीन एकड़ भूमि पर इस केंद्रीय वाहन यार्ड की स्थापना की गई थी। यहां जिले के सभी थानों और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा सीज किए गए वाहनों को सुरक्षित रखा जाता है।
यार्ड में वाहनों का रिकॉर्ड, रखरखाव और डेटा प्रबंधन पूरी तरह व्यवस्थित तरीके से किया जाता है। इसके लिए दो कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात किए गए हैं, जिससे रिकॉर्ड का डिजिटल संधारण किया जा रहा है।
व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने कोतवाल जगदीश यादव को यार्ड की नियमित निगरानी और रखरखाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि—
प्रत्येक सप्ताह यार्ड की वीडियोग्राफी कराई जाए।
नियमित साफसफाई सुनिश्चित की जाए।
सभी वाहनों को थानावार व्यवस्थित और कतारबद्ध तरीके से खड़ा कराया जाए।
रिकॉर्ड को लगातार अपडेट रखा जाए।
अन्य जिलों में भी लागू होगा मॉडल
पुलिस मुख्यालय की टीम ने यार्ड की आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल रिकॉर्ड कीपिंग और प्रबंधन प्रणाली का विस्तृत निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। अधिकारियों के अनुसार, सकारात्मक रिपोर्ट के आधार पर अब उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी रायबरेली मॉडल के अनुरूप केंद्रीय वाहन यार्ड विकसित किए जाएंगे।