Quick Samachar: Plants Vastu: प्रकृति के बीच समय बिताने से मानसिक शांति के साथसाथ शारीरिक थकान भी दूर हो जाती है। यदि आप कभी उदास महसूस करते हैं, तो प्रकृति के नीचे बैठने से आपको शांति मिलती है। हालांकि हरेभरे पर्यटन स्थलों पर जाना हर बार संभव नहीं होता है।

यही कारण है कि हम सभी अपने घरों में एक छोटा सा बगीचा रखना पसंद करते हैं। घर बनाते समय ज्यादातर लोग घर के अन्य हिस्सों के वास्तु पर ध्यान देते हैं और गार्डन एरिया पर बहुत कम ध्यान देते हैं, जब कि यदि आप घर में छोटा या बड़ा गार्डन बना रहे हैं, तो वास्तु का ध्यान रखना चाहिए।
बगीचे के लिए कई वास्तु टिप्स हैं, जिनका पालन करके घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाई जा सकती है।
आइए जानते हैं उन वास्तु टिप्स के बारे में
- घर पर गार्डन बनाने से पहले दिशा का ध्यान रखना जरूरी होता है। आपके घर का बगीचा हमेशा घर के उत्तरी या पश्चिमी हिस्से में हो।
- कोशिश करें कि आपके घर के अंदर तुलसी का पौधा जरूर हो। यह पौधा आपके घरेलू जीवन के कई पहलुओं पर सकारात्मक असर डालता है।
- तुलसी के पौधे उत्तर, पूर्व या पश्चिम दिशा में लगाना शुभ हो सकता है।
- फाउंटेन को हमेशा उत्तर, उत्तरपूर्व या उत्तरपश्चिम दिशा में लगाए जा सकते हैं।
- उत्तर दिशा में विशाल वृक्ष न लगाएं।
- कोशिश करें कि उत्तर दिशा में छोटे पौधे हों।
- उत्तरपूर्व, उत्तर, पूर्व, पश्चिम और उत्तरपश्चिम में पानी का फव्वारा लगाएं, इससे धनसंपत्ति में वृद्धि होती है।
- उत्तर दिशा में हमेशा खुला स्थान रखें।
- बड़े पेड़ दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगाने का सुझाव दिया जाना चाहिए।
गार्डन में किस प्रकार के पौधे देते हैं सुख समृद्धि
- पूर्व दिशा में लगाये जा सकते है |
- सुंदर व खुशबूदार पौधे ही लगाए |
- वास्तु के अनुसार बगीचे में झूले उत्तर या पूर्व दिशा में लगा सकते हैं।
- पालतू जानवर रखने की जगह, बच्चों के खेलने का क्षेत्र और के लिए उत्तरपश्चिम सबसे अच्छी दिशा है।
- आप सामान्य पौधों जैसे गुलाब, गेंदा, चमेली आदि के लिए दक्षिणपश्चिम दिशा का उपयोग कर सकते हैं।
- बगीचे में कैक्टस, बेर, बांस, बोनसाई आदि कांटेदार पौधों का प्रयोग न करें। वे सद्भाव, विकास और अच्छे रिश्तों को प्रभावित करते हैं।
- बगीचे में तुलसी के पौधे की अच्छी देखभाल करें। यह सदैव हराभरा और स्वस्थ रहना चाहिए।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार पक्षियों के लिए पानी का बर्तन रखना अच्छा माना जाता है।
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